दुनिया ने जताया भारत पर भरोसा, व्यापार समझौतों के लिए मची होड़: पीयूष गोयल

पीयूष गोयल ने कहा कि भारत की आर्थिक ताकत से दुनिया का भरोसा जीता है। अब कई देश भारत के साथ व्यापार समझौते करने के लिए उत्सुक हैं।

Ghazala Saheb3 November 20262 min read0 viewsBihar
दुनिया ने जताया भारत पर भरोसा, व्यापार समझौतों के लिए मची होड़: पीयूष गोयल

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि भारत ने अब पूरी दुनिया का भरोसा जीत लिया है। देश की बढ़ती आर्थिक शक्ति और विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों में बढ़ती क्षमताओं के कारण दुनिया का लगभग हर क्षेत्र अब भारत के साथ व्यापार समझौते (Trade Agreements) करने के लिए उत्सुक है।

1 ट्रिलियन डॉलर के निर्यात का लक्ष्य

नई दिल्ली में आयोजित 'यंग लीडर्स डिस्कोर्स फोरम' को संबोधित करते हुए गोयल ने भारत के निर्यात प्रदर्शन पर बड़े आंकड़े पेश किए। उन्होंने बताया कि अप्रैल-सितंबर की अवधि के दौरान भारत का निर्यात 14 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि के साथ 480 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है।

मंत्री ने उम्मीद जताई कि अगले छह महीनों में 520 अरब अमेरिकी डॉलर का निर्यात होगा, जिससे इस वित्तीय वर्ष में भारत का कुल निर्यात 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर के ऐतिहासिक स्तर तक पहुंच जाएगा।

इन प्रमुख क्षेत्रों पर है विशेष फोकस

पीयूष गोयल ने स्पष्ट किया कि भारत अपने प्रमुख निर्यात क्षेत्रों के लिए अधिमान्य बाजार पहुंच (Preferential Market Access) प्राप्त करने के लिए आक्रामक रूप से काम कर रहा है। उन्होंने उन क्षेत्रों की सूची दी जहाँ भारत अपनी पकड़ मजबूत करना चाहता है:

  • कपड़ा (Textiles)
  • फार्मास्यूटिकल्स (दवाइयां)
  • जूते और चमड़ा उत्पाद
  • रत्न और आभूषण
  • समुद्री उत्पाद और प्रोसेस्ड फूड

फार्मास्यूटिकल्स के बारे में उन्होंने गर्व से कहा कि अपनी ताकत के कारण भारत को आज "दुनिया की फार्मेसी" के रूप में जाना जाता है।

प्रतिस्पर्धा में बढ़त बनाने की रणनीति

व्यापार वार्ता के दौरान भारत की रणनीति के बारे में विस्तार से बताते हुए गोयल ने कहा कि भारत का मुख्य उद्देश्य अपने उन क्षेत्रों (Offensive Sectors) के लिए कम आयात शुल्क सुनिश्चित करना है जहाँ विकास की अपार संभावनाएं हैं।

"हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि भारतीय उत्पादों पर लगने वाला शुल्क इंडोनेशिया, मलेशिया, वियतनाम, चीन और फिलीपींस जैसे प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में कम हो।"

वैश्विक संकट में भरोसेमंद साथी बना भारत

भारत की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि वैश्विक संकटों के दौरान भारत के योगदान ने इसे एक विश्वसनीय भागीदार के रूप में स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि दुनिया अब भारत की प्रतिभा और क्षमताओं को समझती है और यह याद रखती है कि कठिन समय में भारत ने हमेशा मदद के लिए हाथ बढ़ाया है।

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