तेलंगाना बनेगा 3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था, केंद्र ने दिया साथ!

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने तेलंगाना के 2047 तक 3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के विजन का समर्थन किया है।

Ghazala Saheb29 October 20262 min read0 viewsBihar
तेलंगाना बनेगा 3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था, केंद्र ने दिया साथ!

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने तेलंगाना के उस महत्वाकांक्षी विजन को अपना पूरा समर्थन देने का भरोसा दिया है, जिसके तहत राज्य 2047 तक 3 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनना चाहता है।

नई दिल्ली में आयोजित 'इन्वेस्ट तेलंगाना ग्लोबल समिट 2026' के कर्टन-रेज़र कार्यक्रम के दौरान गोयल ने कहा कि 2047 तक 'विकसित भारत' के राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सभी राज्यों और क्षेत्रों का सामूहिक प्रयास अनिवार्य है।

2026 में हैदराबाद में जुटेगा दुनिया भर का निवेश

तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के आर्थिक दृष्टिकोण की सराहना करते हुए गोयल ने बताया कि यह समिट 7 से 9 दिसंबर, 2026 तक हैदराबाद के 'भारत फ्यूचर सिटी' में आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि तेलंगाना में निवेश आकर्षित करना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना न केवल राज्य के विकास के लिए, बल्कि पूरे देश के विकास के लिए भी महत्वपूर्ण है।

एआई और लाइफ साइंसेज में तेलंगाना का दबदबा

तेलंगाना की आर्थिक क्षमता पर प्रकाश डालते हुए, पीयूष गोयल ने कहा कि हैदराबाद वर्तमान में निम्नलिखित क्षेत्रों में अग्रणी भूमिका निभा रहा है:

  • ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs)
  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)
  • लाइफ साइंसेज और फार्मास्यूटिकल्स
  • बायोटेक्नोलॉजी

उन्होंने सुझाव दिया कि राज्य को अब एरोस्पेस, रक्षा (Defence) और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे उभरते क्षेत्रों पर अधिक ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

जीआई टैग वाले उत्पादों की वैश्विक पहचान

मंत्री ने तेलंगाना के विशिष्ट उत्पादों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि तांदूर रेड ग्राम (Tandur red gram) और निजामाबाद हल्दी जैसे जीआई-टैग वाले उत्पादों की वैश्विक मांग है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि तांदूर रेड ग्राम का निर्यात ऑस्ट्रेलिया तक किया जा रहा है।

ऐतिहासिक व्यापारिक विरासत और नीतिगत स्थिरता

तेलंगाना की व्यापारिक विरासत का उल्लेख करते हुए गोयल ने कहा कि 700 साल से भी पहले काकातीय शासक गणपति देव ने समुद्री व्यापार से संबंधित 'मोतुपल्ली शिलालेख' जारी किया था। उन्होंने जोर देकर कहा कि उद्योगपतियों को निवेश करने के लिए नीतिगत स्थिरता और व्यापार करने में आसानी (Ease of doing business) की आवश्यकता होती है, और केंद्र सरकार इस दिशा में तेलंगाना के साथ मिलकर काम करेगी।

"भारत दुनिया की पांच सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और चुनौतियों के बावजूद उम्मीद से अधिक तेजी से बढ़ रहा है।" - पीयूष गोयल

अंत में, उन्होंने कहा कि भारत का निर्यात भी अनुमानों से कहीं अधिक बढ़ा है और केंद्र सरकार तेलंगाना की विकास यात्रा में एक मजबूत भागीदार बनी रहेगी।

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