पीयूष गोयल का युवाओं को मंत्र: 'भारत के विकास के निर्माता बनें आप'

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने देश के युवाओं को राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में सीधे तौर पर शामिल होने का आह्वान किया है। 'द दिल्ली डायलॉग 2026' के दौरान आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि वैश्विक चुनौतियों और उथल-पुथल के बावजूद भारत की आर्थिक मजबूती और विकास की रफ्तार शानदार बनी हुई है।
विकसित भारत 2047 के वास्तुकार बनें युवा
भारतीय स्कूल ऑफ पब्लिक पॉलिसी और चिंतन रिसर्च फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस संवाद में पीयूष गोयल ने 'विकसित भारत 2047' के विजन पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि युवाओं की ऊर्जा और आकांक्षाएं भारत के भविष्य के लिए प्रेरणा का सबसे बड़ा स्रोत हैं।
मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि युवा पेशेवरों को केवल विकास की कहानी के उत्तराधिकारी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि उन्हें नीति निर्धारण (policymaking) में नए दृष्टिकोण, नवाचार और ठोस विचारों के साथ सक्रिय भागीदार बनना चाहिए। उन्होंने कहा, "युवाओं का अटूट संकल्प और महत्वाकांक्षा ही भारत को समृद्धि के नए शिखर पर ले जाएगी।"
आत्मनिर्भरता और सुरक्षित सप्लाई चेन पर जोर
आर्थिक मजबूती की चर्चा करते हुए गोयल ने बताया कि भारत अब अपनी घरेलू क्षमताओं और व्यवस्थित व्यापार नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि देश की आर्थिक सुरक्षा के लिए कुछ बुनियादी पहलुओं पर नियंत्रण होना अत्यंत आवश्यक है:
- घरेलू नियंत्रण: विकास के बुनियादी कारकों और सप्लाई नेटवर्क की स्थिरता पर देश का नियंत्रण होना चाहिए।
- आर्थिक सुरक्षा: भारत अब आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है ताकि वैश्विक उतार-चढ़ाव का असर कम से कम हो।
- स्वयं पर भरोसा: भारत आज पूरी तरह से आत्मविश्वासी है और अपनी सुरक्षा एवं विकास को प्राथमिकता दे रहा है।
वैश्विक बाजार में भारतीय व्यापार का विस्तार
अंतरराष्ट्रीय व्यापार के ढांचे पर बात करते हुए केंद्रीय मंत्री ने भारत के हालिया मुक्त व्यापार समझौतों (FTAs) की सफलता का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि कैसे ये समझौते भारतीय अर्थव्यवस्था को वैश्विक मंच पर मजबूती दे रहे हैं:
- भारत के पास वर्तमान में 9 प्रमुख FTAs हैं, जो लगभग 38 विकसित देशों को कवर करते हैं।
- इन समझौतों ने भारतीय व्यवसायों और युवाओं के लिए वैश्विक उपभोक्ता बाजारों के द्वार खोल दिए हैं।
- इससे भारतीय सेवाओं और स्टार्टअप्स को विदेशों में काम करने और विस्तार करने के व्यापक अवसर मिले हैं।
पीयूष गोयल ने अंत में कहा कि भारत वैश्विक बाजार का एक अनिवार्य हिस्सा बनने के लिए तैयार है, जहां हमारे युवाओं के पास नए विचारों और स्टार्टअप्स के माध्यम से रोजगार और विकास के असीमित अवसर उपलब्ध होंगे।