प्लास्टिक कचरे से बनेंगी सड़कें, सुपौल में डीडीसी ने किया निरीक्षण
सुपौल के किशनपुर में प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट का निरीक्षण हुआ। अब प्लास्टिक कचरे का इस्तेमाल सड़क निर्माण में किया जाएगा।

सुपौल जिले के ग्रामीण इलाकों में बढ़ते प्लास्टिक कचरे की समस्या अब विकास का नया जरिया बनने जा रही है। जिला प्रशासन ने पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने और कचरे के सही निपटान के लिए प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट की प्रक्रिया को तेज कर दिया है।
किशनपुर में वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट का निरीक्षण
इसी कड़ी में मंगलवार को उप विकास आयुक्त (DDC) इंद्रवीर कुमार ने किशनपुर प्रखंड में स्थित प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने यूनिट में चल रहे कार्यों का जायजा लिया और कचरा प्रबंधन की प्रगति की समीक्षा की।
बताया गया कि सुपौल जिले के विभिन्न गांवों से प्लास्टिक सहित अन्य कचरा एकत्रित किया जा रहा है। इस एकत्रित कचरे को जिले के अलग-अलग स्थानों पर स्थापित प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिटों में भेजा जाता है, जहाँ इसका वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्करण और उचित निपटान किया जाता है।
सड़क निर्माण में होगा प्लास्टिक का इस्तेमाल
निरीक्षण के दौरान डीडीसी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्लास्टिक पदार्थों का उपयोग काफी बढ़ गया है, जिसे देखते हुए पर्यावरण की सुरक्षा के लिए इसका वैज्ञानिक प्रबंधन बेहद जरूरी है। उन्होंने एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए कहा कि प्लास्टिक बोतलों और अन्य प्लास्टिक कचरे का बेहतर उपयोग अब सड़क निर्माण में किया जा सकता है।
इस योजना को प्रभावी बनाने के लिए ग्रामीण कार्य विभाग के अभियंताओं और संवेदकों (contractors) के साथ बैठक की गई और उन्हें सड़क निर्माण में प्लास्टिक के इस्तेमाल के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए गए। अभियंताओं और संवेदकों ने भी जिला प्रशासन की इस पहल पर सहमति जताते हुए कार्य को आगे बढ़ाने का भरोसा दिया है।
कचरे को टुकड़ों में बदलने की प्रक्रिया जारी
सड़क निर्माण के लिए प्लास्टिक कचरे को सीधे उपयोग में नहीं लाया जा सकता, इसलिए यूनिट में इसे निर्धारित आकार के छोटे-छोटे टुकड़ों में विखंडित (shredding) करने का काम किया जा रहा है। डीडीसी ने संबंधित कर्मियों को निर्देश दिया कि वे अधिक से अधिक मात्रा में प्लास्टिक कचरे को सड़क निर्माण योग्य तैयार करें, ताकि जल्द से जल्द इसका उपयोग सड़कों के निर्माण में किया जा सके।
निरीक्षण के दौरान निदेशक आशुतोष कुमार, किशनपुर प्रखंड विकास पदाधिकारी पिंकी कुमारी, स्वच्छता पर्यवेक्षक सहित स्वच्छता विभाग के अन्य पदाधिकारी और कर्मी मौजूद रहे।