बस्तर में नक्सलवाद का सफाया! डिप्टी सीएम बोले- 'एक भी जवान शहीद नहीं हुआ'
छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने बस्तर में नक्सलवाद के खात्मे और सुरक्षा बलों की बहादुरी की सराहना की। पीएम मोदी के दौरे ने दिया बड़ा संदेश।

छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में सुरक्षा बलों की बड़ी सफलता की सराहना की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बस्तर दौरे को ऐतिहासिक बताते हुए उन्होंने कहा कि यह दौरा दुनिया को एक महत्वपूर्ण संदेश देता है कि बस्तर अब आतंक से मुक्त हो चुका है।
सुरक्षा बलों की वीरता को सलाम
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने नक्सलवाद को खत्म करने में सुरक्षा बलों के साहस और पराक्रम की प्रशंसा की। उन्होंने एक बड़ी उपलब्धि का जिक्र करते हुए कहा, "पिछले एक साल में एक भी जवान शहीद नहीं हुआ है। यह एक बहुत बड़ी उपलब्धि है और इसके लिए पूरी फोर्स को बधाई मिलनी चाहिए।" उन्होंने नक्सल विरोधी अभियान में सीआरपीएफ (CRPF) के योगदान को भी बेहद सराहनीय बताया।
पीएम मोदी ने जवानों के साथ मनाई दिवाली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बस्तर के करनपुर स्थित कोबरा (CoBRA) ऑपरेशंस बेस का दौरा किया, जो ऐतिहासिक रूप से अबूझमाड़ और बस्तर में अभियानों का मुख्य केंद्र रहा है। इस दौरान उन्होंने:
- शहीद सीआरपीएफ नायकों को कैंप स्मारक पर भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
- सुरक्षा बलों के साथ मिलकर दिवाली के उत्सव में हिस्सा लिया।
- पारंपरिक आदिवासी गीतों पर जवानों के साथ उत्साहपूर्वक जश्न मनाया।
इस दौरान पूरे कैंप में "भारत माता की जय" के नारों से वातावरण गूंज उठा।
'2026 की दिवाली है बेहद खास'
सुरक्षा बलों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 2026 की यह दिवाली विशेष महत्व रखती है। उन्होंने कहा, "यह पहली दिवाली है जब देश ने नक्सलवाद और माओवादी आतंक के खिलाफ दशकों लंबी लड़ाई जीत ली है। यह पहली ऐसी दिवाली है जब देश का हर जिला नक्सलवाद से मुक्त है और करोड़ों नागरिक अब इस डर से उबर चुके हैं।"
विकास और पर्यटन के नए द्वार खुलेंगे
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि सुरक्षा की स्थिति में सुधार होने से अब बस्तर में पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण और समावेशी विकास के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब बाबासाहेब अंबेडकर द्वारा तैयार किए गए संविधान का बस्तर में पूरी तरह से कार्यान्वयन हो रहा है। इससे क्षेत्र में लघु वनोपज और जैविक कृषि उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ-साथ आर्थिक विकास की गति भी तेज होगी।