बस्तर में जवानों के साथ दिवाली मनाएंगे पीएम मोदी, CRPF की बड़ी उपलब्धि का भी करेंगे सम्मान
पीएम मोदी बस्तर में सुरक्षा बलों के साथ दिवाली मनाएंगे। CRPF की 12 महीने तक शून्य हताहत रहने की ऐतिहासिक उपलब्धि पर भी उन्होंने खुशी जताई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में तैनात सुरक्षा बलों के साथ इस बार दिवाली का त्योहार मनाने जा रहे हैं। यह दौरा नक्सल विरोधी अभियानों में जुटे जांबाज जवानों के मनोबल को बढ़ाने और इस क्षेत्र में आ रहे बड़े बदलावों को देखने के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नक्सलवाद के साये से विकास की रोशनी तक
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' के माध्यम से अपनी इस यात्रा की जानकारी साझा की। उन्होंने बस्तर के बदलते स्वरूप पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जो क्षेत्र कभी नक्सलवाद का गढ़ माना जाता था, आज वहां शांति और तेजी से होता विकास दिखाई दे रहा है।
"मैं हमारे बहादुर सुरक्षा बलों के साथ बस्तर में दिवाली मनाने जा रहा हूं। यह वह क्षेत्र है जहां कभी नक्सलवाद का प्रभाव था, लेकिन अब यहां विकास फल-फूल रहा है। मैं हमारे बहादुर सुरक्षा कर्मियों के बलिदान, निस्वार्थ सेवा और राष्ट्र के प्रति उनकी अटूट निष्ठा को सलाम करने जा रहा हूं।"
पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि सुरक्षा बलों की मौजूदगी और शांति की स्थापना से अब बस्तर में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, संचार और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में विकास को नई गति मिलेगी।
CRPF का ऐतिहासिक रिकॉर्ड: एक साल तक शून्य हताहत
इस दौरे के दौरान सीआरपीएफ (CRPF) की एक अभूतपूर्व उपलब्धि का भी जिक्र किया गया है। बल ने एक ऐतिहासिक मील का पत्थर हासिल किया है—लगातार 12 महीनों तक ऑपरेशन के दौरान एक भी जवान की जान नहीं गई है। इस 'जीरो' हताहत के रिकॉर्ड पर पीएम मोदी ने बेहद संक्षिप्त लेकिन प्रभावशाली टिप्पणी करते हुए लिखा, "एक शून्य जो बहुत कुछ कहता है"।
सीआरपीएफ के महानिदेशक जीपी सिंह के अनुसार, इस सफलता के पीछे कई महत्वपूर्ण कारण रहे हैं:
- आधुनिक उपकरण: जवानों को नवीनतम और समकालीन हार्डवेयर उपलब्ध कराना।
- बेहतर प्रशिक्षण: रणनीतिक योजना और उन्नत ट्रेनिंग पर ध्यान देना।
- त्वरित चिकित्सा सहायता: घायल जवानों को तेजी से उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाओं तक पहुँचाने की व्यवस्था।
उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि तब हासिल हुई है जब बल अभी भी सभी प्रमुख ऑपरेशनल थिएटरों में सक्रिय रूप से तैनात है और महत्वपूर्ण परिणाम दे रहा है।
मुख्यधारा में लौटने वालों के लिए सरकार की स्पष्ट नीति
बस्तर में शांति बहाली के प्रयासों में गृह मंत्री अमित शाह की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। सरकार की नीति इस मामले में बिल्कुल स्पष्ट है। सरकार का मानना है कि जो लोग हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में वापस आना चाहते हैं, उन्हें समाज में फिर से शामिल होने का मौका दिया जाएगा।
हालांकि, जो लोग कानून का उल्लंघन करते हैं और निर्दोष नागरिकों के जीवन को खतरे में डालते हैं, उनके खिलाफ सुरक्षा बल पूरी सख्ती के साथ कार्रवाई करना जारी रखेंगे। बस्तर में बढ़ती सुरक्षा और शांति अब क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए नए द्वार खोल रही है।