पीएम मोदी से मिले एशियाई खेलों के जांबाज: लवलीन और मीराबाई ने साझा किए खास पल

नई दिल्ली के मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में गुरुवार को एक बेहद खास और गौरवशाली पल देखने को मिला। एशियाई खेलों में भारत के लिए पदक जीतकर देश का मान बढ़ाने वाले एथलीटों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान खिलाड़ियों के चेहरों पर जीत की चमक और प्रधानमंत्री से मिलने का उत्साह साफ नजर आ रहा था।
कुमकुम मोहद का सपना हुआ पूरा
एशियाई खेलों में इतिहास रचने वाली तीरंदाज कुमकुम मोहद ने पहली बार प्रधानमंत्री से मिलकर अपनी खुशी जाहिर की। कुमकुम ने महिलाओं के व्यक्तिगत रिकर्व तीरंदाजी में भारत का पहला स्वर्ण पदक जीतकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया था। उन्होंने बताया, "प्रधानमंत्री से मिलना मेरा सपना था। जब हमारी पूरी टीम ने उन्हें उपहार दिया और उन्होंने मेरे हाथों से उसे स्वीकार किया, तो वह पल बहुत ही खास था।"
अपनी सफलता के बाद कुमकुम को घर पर भी जबरदस्त सम्मान मिला। उन्होंने साझा किया कि घर लौटने पर उनके पिता ने उन्हें एक स्कूटर और मोबाइल फोन उपहार में देकर सरप्राइज दिया।
लवलीन बोरगोहेन: वियतनाम से लौट आईं सिर्फ मोदी जी से मिलने
75 किग्रा मुक्केबाजी में स्वर्ण पदक जीतने वाली लवलीन बोरगोहेन ने प्रधानमंत्री के साथ बिताए समय को ऊर्जा से भरपूर बताया। उन्होंने कहा, "जब भी हम उनसे मिलने जाते हैं, तो एक अलग ही माहौल बन जाता है। आज मैं उनके बिल्कुल पास बैठी थी, जिससे एक अलग ही ऊर्जा और माहौल महसूस हुआ।"
लवलीन के लिए यह मुलाकात इतनी महत्वपूर्ण थी कि वह अपने परिवार के साथ वियतनाम की यात्रा पर थीं, लेकिन प्रधानमंत्री से मिलने के इस खास अवसर के लिए वह तुरंत वियतनाम से वापस लौट आईं। उन्होंने 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स और 2036 ओलंपिक की मेजबानी के भारत के विजन की भी सराहना की, जो भविष्य के एथलीटों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
मीराबाई चानू: हार-जीत से परे मिलता है हौसला
ओलंपिक रजत पदक विजेता भारोत्तोलक मीराबाई चानू ने 49 किग्रा वर्ग में रजत पदक जीतकर अपनी उपलब्धि जोड़ी। उन्होंने प्रधानमंत्री के प्रोत्साहन के बारे में बात करते हुए कहा कि मोदी जी का समर्थन पदक जीतने या न जीतने से ऊपर होता है।
"जब हम पदक लाते हैं, तो भविष्य की योजना पर बात करते हैं, लेकिन अगर हम पदक नहीं भी ला पाते, तो भी वे निराश नहीं होते। वे हमें और भी अधिक प्रेरित करते हैं कि यह खिलाड़ी के जीवन का हिस्सा है और हमें भविष्य के लिए सोचना चाहिए।"
मीराबाई ने कहा कि प्रधानमंत्री का यह व्यवहार खिलाड़ियों को मानसिक शक्ति और आगे बढ़ने का साहस देता है।
इस मुलाकात में भारतीय सेलर नेत्रा कुमारन ने भी हिस्सा लिया, जिन्होंने खेलों में कांस्य पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया है।