PM मोदी के प्रोत्साहन से LA 2028 में इतिहास रचेगा भारत!
पीएम मोदी ने पैरा-एथलीटों का मनोबल बढ़ाया। PCI अध्यक्ष ने LA 2028 पैरालंपिक में भारत के ऐतिहासिक प्रदर्शन का भरोसा जताया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एशियाई पैरा गेम्स 2026 के भारतीय दल से मुलाकात कर उनकी ऐतिहासिक सफलता की सराहना की। नई दिल्ली के इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित इस मुलाकात ने पीएम मोदी, पैरा-एथलीट और LA 2028 के लक्ष्यों के बीच एक नया उत्साह भर दिया है। इस बातचीत ने खिलाड़ियों के मनोबल को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है।
एशियाई पैरा गेम्स में भारत का ऐतिहासिक प्रदर्शन
भारत ने आइची-नागोया में आयोजित एशियाई पैरा गेम्स में 114 पदक जीतकर चौथा स्थान हासिल किया। यह भारत के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इस शानदार प्रदर्शन का विवरण इस प्रकार है:
- स्वर्ण पदक: 30
- रजत पदक: 35
- कांस्य पदक: 49
यह प्रदर्शन भारत के पिछले रिकॉर्ड्स को पीछे छोड़ते हुए एक नया कीर्तिमान स्थापित करता है।
देवेंद्र झाझरिया ने जताया LA 2028 के लिए भरोसा
पैरालिंपिक कमेटी ऑफ इंडिया (PCI) के अध्यक्ष देवेंद्र झाझरिया ने कहा कि प्रधानमंत्री का खिलाड़ियों के साथ सीधा संवाद उनके आत्मविश्वास को बढ़ाता है। उन्होंने भारत की प्रगति की तुलना पिछले वर्षों से करते हुए कहा:
"2010 में भारत ने एशियाई पैरा गेम्स में केवल 1 स्वर्ण पदक जीता था, जबकि 2026 में हमने 30 स्वर्ण पदक जीते हैं। यह बदलाव स्पष्ट रूप से दिखाता है कि भारत कितना बदल गया है। टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम, खेलो इंडिया पैरा गेम्स और सुविधाओं में सुधार ने हमें यहाँ तक पहुँचाया है।"
झाझरिया ने विश्वास जताया कि लॉस एंजिल्स 2028 पैरालंपिक में भारतीय दल एक ऐतिहासिक प्रदर्शन करेगा, क्योंकि इसकी तैयारी तीन साल पहले ही शुरू कर दी गई है।
कोच सत्यनारायण का लक्ष्य: 29 से बढ़कर 35 पदक
भारत के पैरा-एथलेटिक्स हेड कोच के.आर. सत्यनारायण ने भी प्रधानमंत्री के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के कारण पैरा-स्पोर्ट्स को देश में वह सम्मान मिल रहा है, जिसके वे हकदार हैं।
LA 2028 के लिए बड़ी उम्मीदें
कोच ने भविष्य के लक्ष्यों को लेकर अपनी योजना साझा की:
- पदक लक्ष्य: पिछले पैरालंपिक में भारत ने 29 पदक जीते थे, जिसे बढ़ाकर अब 35 पदक तक ले जाने का लक्ष्य है।
- मल्टीपल मेडल्स: कई एथलीटों द्वारा एक से अधिक पदक जीतने की प्रबल संभावना है।
- बेहतर तैयारी: अब तैयारी टूर्नामेंट से महीनों पहले नहीं, बल्कि वर्षों पहले से की जा रही है।
सत्यनारायण ने कहा कि प्रधानमंत्री की ऊर्जा और सरकार का पूर्ण सहयोग खिलाड़ियों को दुनिया के मंच पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित कर रहा है।