प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 3 सितंबर 2026 को वाराणसी के जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार से फोन पर बात करके शहर में बाढ़ के हालात की समीक्षा की। इस बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने गंगा नदी के जलस्तर और बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए बनाए गए राहत शिविरों की स्थिति की पूरी जानकारी ली। (Source: https://www.aninews.in/news/national/general-news/pm-modi-speaks-to-varanasi-dm-reviews-flood-situation-directs-immediate-relief-for-affected-people20260903110509/)
- प्रधानमंत्री ने प्रशासन को तुरंत जरूरी सुविधाएं और राहत सामग्री देने के निर्देश दिए।
- गंगा नदी का जलस्तर चेतावनी के निशान को पार कर चुका है।
- बाढ़ और वरुण नदी के उल्टे बहाव से कई इलाके प्रभावित हुए हैं।
- प्रशासन ने राहत शिविर बनाकर भोजन और पानी की व्यवस्था की है।
प्रधानमंत्री ने जिला प्रशासन को युद्ध स्तर पर काम करने और बचाव कार्यों पर लगातार नजर रखने का निर्देश दिया। 2 सितंबर 2026 तक गंगा नदी का जलस्तर 70.29 मीटर तक पहुंच गया था, जो 70.26 मीटर के चेतावनी निशान से ऊपर है, लेकिन 71.26 मीटर के खतरे के निशान से नीचे है। नदी का जलस्तर प्रति घंटे लगभग दो सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ रहा है। वरुण नदी का उल्टा बहाव होने के कारण बाढ़ की यह स्थिति और गंभीर हो गई है, जिससे 11 इलाके आंशिक रूप से प्रभावित हुए हैं। इससे 328 परिवार और 1,388 लोग प्रभावित हुए हैं।
प्रशासन ने 13 राहत शिविर बनाए हैं जिनमें 219 परिवारों के 935 लोग रह रहे हैं और उन्हें खाना, साफ पीने का पानी, साफ-सफाई और सोने की व्यवस्था दी जा रही है। वाराणसी के जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने सामुदायिक रसोइयों का उपयोग करने, अतिरिक्त नावें लगाने और बच्चों की पढ़ाई जारी रखने का आदेश दिया है। पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने एनडीआरएफ टीमों और स्थानीय पुलिस को लगातार निगरानी रखने का आदेश दिया है। इसके अलावा, अस्सी घाट और केशव घाट के बीच सभी नावों का चलना बंद कर दिया गया है।
राजस्व, चिकित्सा, पशुपालन और नगर निगम विभागों के बीच तालमेल के लिए 24 घंटे का बाढ़ नियंत्रण कक्ष शुरू किया गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 8 सितंबर 2026 तक पूर्वी उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश होने का अनुमान जताया है।