पीएम-प्रणाम योजना: कटिहार में किसानों को मिली आधुनिक खेती की सीख
कटिहार में पीएम-प्रणाम योजना के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। डीडीसी ने किसानों को मिट्टी की जांच और संतुलित उर्वरक उपयोग की सलाह दी।

कटिहार में मृदा स्वास्थ्य के संरक्षण और रासायनिक खादों के संतुलित उपयोग को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 'पीएम-प्रणाम' योजना के तहत आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को पर्यावरण के अनुकूल खेती और आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ना है।
डीडीसी ने दिया टिकाऊ खेती का मंत्र
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि उप विकास आयुक्त (डीडीसी) डॉ. नेहा कुमारी (IAS), जिला कृषि पदाधिकारी राजीव कुमार और इफको बिहार के डॉ. आनंद कुमार श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान डीडीसी ने किसानों से आधुनिक एवं स्वदेशी कृषि तकनीकों को अपनाकर सतत खेती को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
डीडीसी डॉ. नेहा कुमारी ने कृषि अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि वे केवल कार्यालयों तक सीमित न रहें, बल्कि गांव-गांव जाकर अधिक से अधिक किसानों को पीएम-प्रणाम योजना के लाभ और इसके उद्देश्यों से जोड़ें। उन्होंने जोर देकर कहा कि टिकाऊ खेती ही भविष्य की कृषि का असली आधार है।
मिट्टी की जांच और नैनो उर्वरक पर जोर
जिला कृषि पदाधिकारी राजीव कुमार ने किसानों को खेती की लागत कम करने और मिट्टी की उपजाऊ शक्ति बनाए रखने का महत्वपूर्ण सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि किसानों को मिट्टी की जांच की रिपोर्ट और वैज्ञानिकों की अनुशंसा के आधार पर ही रासायनिक व जैव उर्वरकों का इस्तेमाल करना चाहिए। इससे न केवल अनावश्यक लागत से बचा जा सकेगा, बल्कि खेतों की उर्वरता भी बरकरार रहेगी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. आनंद कुमार श्रीवास्तव ने किसानों को नैनो उर्वरकों के तकनीकी लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने नैनो यूरिया और डीएपी जैसी नई तकनीकों के सही प्रयोग की विधि और उनकी निर्धारित मात्रा के बारे में बताया। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से भी अपील की कि वे इन आधुनिक तकनीकों की जानकारी हर किसान तक पहुंचाएं।
इस संगोष्ठी में 'स्वस्थ मिट्टी, संतुलित उर्वरक उपयोग और समृद्ध किसान' के संकल्प के साथ वैकल्पिक खादों के प्रयोग पर भी विस्तृत चर्चा की गई। इस अवसर पर प्रखंड कृषि पदाधिकारी, कृषि समन्वयक, इफको के प्रतिनिधि और जिले भर से आए प्रगतिशील किसान मौजूद रहे।