पीएम सूर्य घर योजना बिहार में जोर पकड़ रही है, मिल रही है 98 हजार रुपये तक की सब्सिडी

केंद्र सरकार की पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को बिहार में बहुत तेजी से अपनाया जा रहा है। भागलपुर समेत पूरे राज्य के लोग अब बिजली के मामले में आत्मनिर्भर हो रहे हैं। इस योजना के तहत घरों को हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी जा रही है। 3 किलोवाट या उससे अधिक के सोलर पैनल लगवाने पर कुल 98,000 रुपये तक की सब्सिडी मिल रही है। इस कुल सब्सिडी में केंद्र सरकार की ओर से 78,000 रुपये और बिहार सरकार की ओर से 20,000 रुपये का अतिरिक्त टॉप-अप शामिल है।
योजना के प्रचार के लिए ब्लॉक स्तर पर सोलर मेले
योजना को बढ़ावा देने के लिए साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड और नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड द्वारा ब्लॉक स्तर पर सोलर मेले और जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। 4 सितंबर 2026 को भागलपुर के सनहाउला में एक बड़े सोलर मेले का आयोजन किया गया था। इसका उद्घाटन पूर्वी कार्य्रकम अभियंता प्रभात कुमार रंजन, प्रखंड विकास अधिकारी कन्हैया कुमार, अंचल अधिकारी रजनीशचंद्र राय और सहायक अभियंता दीपक कुमार चौधरी ने किया था। अधिकारियों ने बताया कि बढ़ी हुई सब्सिडी से सोलर पैनल लगवाने का खर्च कम हो जाता है और महंगे बैंक लोन पर निर्भरता घटती है।
आवेदन करने का तरीका और जरूरी दस्तावेज
इस योजना के लिए आवेदन आधिकारिक पोर्टल pmsuryaghar.gov.in या बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी के सुविधा मोबाइल ऐप के जरिए किए जा सकते हैं। जरूरी दस्तावेजों में वैध सरकारी पहचान पत्र, निवास प्रमाण पत्र, उपभोक्ता संख्या के साथ हाल ही का बिजली बिल, आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर और सब्सिडी के सीधे बैंक ट्रांसफर के लिए बैंक खाता विवरण शामिल हैं। इस योजना के तहत उपभोक्ता नेट मीटरिंग के जरिए अतिरिक्त बिजली ग्रिड को बेचकर कमाई भी कर सकते हैं।
योग्यता और विशेष लाभ
योजना के लिए वही भारतीय नागरिक योग्य हैं जिनके पास पक्की छत और चालू बिजली कनेक्शन है, बशर्ते परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी कर्मचारी न हो। बीपीएल परिवारों के लिए सरकार मुफ्त इंस्टॉलेशन और हर महीने 125 यूनिट मुफ्त बिजली देती है। आवासीय आवेदकों को लगभग 7 प्रतिशत की ब्याज दर पर बिना गारंटी के लोन भी मिल रहा है, जो बाजार की 10 से 12 प्रतिशत दर से कम है। राज्य का लक्ष्य पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर 5 लाख उपभोक्ताओं को कवर करना है। नवंबर 2026 तक 2.50 लाख गरीब परिवारों का लक्ष्य है और वर्तमान में लगभग 49,000 परिवार इससे जुड़ चुके हैं।