PMCH में ट्रॉली कर्मियों का हल्ला बोल: वेतन और वसूली का आरोप

Ghazala Saheb14 October 20262 min read0 viewsBihar
PMCH में ट्रॉली कर्मियों का हल्ला बोल: वेतन और वसूली का आरोप

पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (PMCH) में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। अस्पताल के ट्रॉली कर्मियों ने पिछले तीन महीनों से वेतन न मिलने के विरोध में हड़ताल शुरू कर दी है। कर्मचारी वर्तमान में अस्पताल के इमरजेंसी विभाग के पास धरने पर बैठे हैं, जिससे अस्पताल के सामान्य कामकाज में काफी बाधा आ रही है।

तीन महीने से वेतन का इंतजार और वसूली का आरोप

हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों का कहना है कि हाल ही में त्योहारों का सीजन बीत चुका है, लेकिन उन्हें अभी तक पिछले तीन महीनों का वेतन नहीं दिया गया है। वेतन में देरी के अलावा, कर्मचारियों ने अस्पताल प्रशासन पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं।

कर्मचारियों का आरोप है कि टेंडर बदलने के नाम पर उनसे 20,000 से 25,000 रुपये तक की अवैध वसूली की मांग की जा रही है। इस स्थिति से कर्मचारियों में भारी आक्रोश है और उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, हड़ताल जारी रहेगी।

कर्मचारियों की प्रमुख मांगें

ट्रॉली कर्मियों ने अपनी समस्याओं के समाधान के लिए कुछ स्पष्ट मांगें रखी हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • मासिक वेतन 12,000 रुपये निर्धारित किया जाए।
  • वेतन का भुगतान हर महीने समय पर सुनिश्चित हो।
  • प्रत्येक माह चार दिनों की छुट्टी का प्रावधान किया जाए।

बिहार के अस्पतालों में बढ़ता सेवा व्यवधान

PMCH में यह विरोध प्रदर्शन कोई अकेला मामला नहीं है। बिहार के प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों में सेवा व्यवधान का यह एक पुराना पैटर्न बनता जा रहा है।

इससे पहले, जुलाई 2026 में PMCH के वार्ड अटेंडेंट ने पांच महीने के बकाया वेतन और न्यूनतम मजदूरी के उल्लंघन को लेकर हड़ताल की थी। इसके अलावा, जुलाई और अगस्त 2026 के दौरान जूनियर डॉक्टरों ने भी स्टाइपेंड और सुरक्षा संबंधी चिंताओं को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था। इसी तरह, अगस्त 2026 में मुजफ्फरपुर के श्री कृष्णा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (SKMCH) में भी ट्रॉली कर्मी और सुरक्षा गार्ड वेतन बकाया को लेकर हड़ताल पर चले गए थे, जो बाद में आउटसोर्सिंग एजेंसी के आश्वासन के बाद समाप्त हुई थी।

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