बेंगलुरु पहुंचे पोलैंड के पीएम डोनाल्ड टस्क, मोदी के साथ व्यापार पर बड़ी बात
पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेने बेंगलुरु पहुंचे। पीएम मोदी के साथ उनकी बातचीत के बाद यह दौरा बेहद खास है।

पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क और उनके प्रतिनिधिमंडल का गुरुवार रात बेंगलुरु में भव्य स्वागत किया गया। वे विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचे।
बेंगलुरु में हुआ गर्मजोशी से स्वागत
कर्नाटक सरकार की ओर से ग्रेटर बेंगलुरु विकास और संसदीय मामलों के मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने उन्हें फूलों का गुलदस्ता भेंट कर उनका स्वागत किया। इस अवसर पर राज्य के मुख्य सचिव शालिनी रजनीश, विभाग के सचिव केजी जगदीश, बेंगलुरु सिटी पुलिस कमिश्नर सीमांत कुमार सिंह और कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
पीएम मोदी के साथ रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा
यह दौरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पीएम टस्क के बीच हुई महत्वपूर्ण बातचीत के तुरंत बाद हुआ है। दोनों नेताओं ने रणनीतिक सहयोग को गहरा करने और द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने पर सहमति जताई है। विशेष रूप से, दोनों देशों के बीच डिजिटल और उद्यमिता संबंधों को मजबूत करने के लिए एक प्रस्तावित 'स्टार्टअप ब्रिज' (StartUp Bridge) बनाने पर विचार किया गया है।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, रक्षा, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिजों जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की है।
तकनीक और भविष्य के क्षेत्रों पर ध्यान
भारत और पोलैंड के बीच संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों की पहचान की गई है:
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और साइबर सुरक्षा में सहयोग
- शिक्षा, संस्कृति, खेल और पर्यटन का विस्तार
- युवाओं के लिए टेक्नोलॉजी हैकथॉन का आयोजन
- डिजिटलाइजेशन और ड्रोन सेक्टर में साझेदारी
2030 तक व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य
पोलैंड के वित्त और अर्थव्यवस्था मंत्री आंद्रेज डोमानस्की ने इस बात पर जोर दिया कि दोनों देशों के बीच व्यावसायिक आदान-प्रदान 2030 तक कम से कम दोगुना हो जाएगा। इसके अलावा, यह भी निर्णय लिया गया है कि हर साल 30 मार्च को 'पोलैंड-भारत साझेदारी दिवस' मनाया जाएगा, जो दोनों देशों के राजनयिक संबंधों की वर्षगांठ का प्रतीक होगा।
प्रधानमंत्री टस्क ने पीएम मोदी को अपना "दोस्त" बताते हुए उनकी सराहना की। उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक अस्थिरता और अनिश्चितता के दौर में भारत आशा की एक किरण की तरह है।