'भारत उम्मीद की किरण है': पोलैंड के पीएम टस्क ने मोदी की जमकर तारीफ की

पोलैंड के पीएम डोनाल्ड टस्क ने पीएम मोदी की वैश्विक भूमिका की प्रशंसा करते हुए भारत को दुनिया के लिए उम्मीद की किरण बताया है।

Ghazala Saheb22 October 20262 min read0 viewsBihar
'भारत उम्मीद की किरण है': पोलैंड के पीएम टस्क ने मोदी की जमकर तारीफ की

नई दिल्ली में आयोजित एक उच्च स्तरीय द्विपक्षीय वार्ता के दौरान पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने भारत की वैश्विक भूमिका की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि दुनिया में चल रही राजनीतिक अस्थिरता और अनिश्चितता के बीच भारत एक 'उम्मीद की किरण' की तरह है। टस्क ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अंतरराष्ट्रीय मंच पर बढ़ती सक्रियता और उनके नेतृत्व की प्रशंसा की।

वैश्विक अस्थिरता के बीच भारत का नेतृत्व

हैदराबाद हाउस में पीएम मोदी के साथ संयुक्त प्रेस वक्तव्य जारी करते हुए टस्क ने कहा, "हम उस वैश्विक भूमिका की सराहना करते हैं जो आप, प्रधानमंत्री, वैश्विक संदर्भ में निभाते हैं। अस्थिरता और राजनीतिक अनिश्चितता के इस दौर में यह आशा का एक संकेत है। भारत जैसे शक्तिशाली देश के प्रधानमंत्री हमारे लिए उम्मीद की किरण हैं।"

उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध विश्वास, साझा मूल्यों और अहिंसा जैसे विचारों पर आधारित हैं। टस्क ने जोर देकर कहा कि पोलैंड और भारत के बीच हितों का कोई टकराव नहीं है और दोनों देश भौगोलिक दूरी के बावजूद एक-दूसरे के करीब हैं। उन्होंने पीएम मोदी के साथ अपनी दोस्ती पर भी गर्व व्यक्त किया।

रणनीतिक साझेदारी और आर्थिक सहयोग पर जोर

प्रधानमंत्री टस्क ने बताया कि अगस्त 2024 में पीएम मोदी की वारसॉ यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी स्थापित करने का निर्णय लिया गया था। आज की बैठक में उस साझेदारी के पहले परिणामों की समीक्षा की गई और भविष्य के सहयोग के लिए प्राथमिकताएं तय की गईं।

इस यात्रा की सबसे खास बात यह है कि पोलैंड का एक विशाल व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है। टस्क ने इसे भारत-पोलैंड संबंधों के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा व्यापारिक दौरा बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंध ही इस रणनीतिक साझेदारी की असली नींव हैं।

रक्षा और अंतरिक्ष क्षेत्र में बढ़ेगा तालमेल

दोनों देशों के बीच सहयोग के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों को चिह्नित किया गया है, जिनमें शामिल हैं:

  • पारंपरिक उद्योग: खनन, कोयला गैसीकरण, शिपयार्ड और जहाज निर्माण।
  • आधुनिक तकनीक: अंतरिक्ष, डिजिटलाइजेशन, सैटेलाइट और उन्नत रक्षा प्रणालियां।

रक्षा तकनीक पर चर्चा करते हुए टस्क ने विशेष रूप से ड्रोन तकनीक का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ड्रोन और सैटेलाइट के क्षेत्र में सहयोग राजनीतिक तनाव और संकट के समय में दोनों देशों के लिए अत्यंत सहायक साबित होगा।

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