प्रभात किरण हिमांशु की पुस्तक 'सुकुरती' का हुआ विमोचन

सारण जिले के साहित्य जगत में एक नई रचना का आगमन हुआ है। शारदीय नवरात्र की सप्तमी के पावन अवसर पर, शहर के एक निजी विद्यालय के सभागार में आयोजित एक गरिमामयी समारोह में वरिष्ठ पत्रकार प्रभात किरण हिमांशु की नई पुस्तक 'सुकुरती... एक अनोखा संबंध' का विमोचन किया गया।
इंसान और बेजुबान के बीच के अनकहे रिश्ते की कहानी
यह पुस्तक केवल शब्दों का मेल नहीं है, बल्कि यह एक ऐसी संवेदना को स्वर देती है जिसे अक्सर समाज में अनदेखा कर दिया जाता है। लेखक प्रभात किरण हिमांशु ने अपनी इस कृति के माध्यम से एक बेजुबान जीव और मनुष्य के बीच पनपने वाले निश्छल, पवित्र और अटूट रिश्ते को बड़ी ही खूबसूरती से पिरोया है।
"प्रेम की कोई भाषा नहीं होती"
"यह पुस्तक महज पन्नों और स्याही का संग्रह नहीं है, बल्कि एक बेजुबान जीव और इंसान के बीच के निश्छल, पवित्र और अटूट रिश्ते की जीवंत दास्तान है। प्रेम और संवेदना की कोई भाषा नहीं होती, यह केवल दिल से महसूस किए जाते हैं।"
विमोचन के दौरान लेखक ने अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए कहा कि प्रेम के लिए शब्दों की आवश्यकता नहीं होती, वह केवल हृदय के गहरे अहसासों से समझा जा सकता है।
साहित्यिक जगत की इस पहल की हुई सराहना
इस विशेष अवसर पर जिले के विभिन्न संगठनों के वरिष्ठ कार्यकर्ता और कई गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों ने इस अनूठी साहित्यिक पहल की सराहना की और कहा कि इस तरह की पुस्तकें समाज में संवेदनाओं और करुणा को बढ़ावा देने का कार्य करती हैं।