टीचर्स ऑफ बिहार की 'प्रज्ञानिका' का नया अंक जारी, शिक्षा और तकनीक का संगम

अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के विशेष अवसर पर बिहार के शिक्षकों द्वारा संचालित त्रैमासिक ई-शैक्षणिक पत्रिका ‘प्रज्ञानिका’ के द्वितीय खंड के तृतीय अंक का भव्य प्रकाशन किया गया है। 'टीचर्स ऑफ बिहार' के मार्गदर्शन में तैयार यह पत्रिका राज्य के शिक्षकों द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारी, रचनात्मक और उत्कृष्ट प्रयासों को दुनिया के सामने लाने का एक सशक्त माध्यम बन रही है।
विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में हुआ संपादन
पत्रिका के इस महत्वपूर्ण अंक को प्रभावी बनाने में विशेषज्ञों का बड़ा योगदान रहा है। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय में राजभाषा परिषद के हिंदी विशेषज्ञ डॉ. चंदन श्रीवास्तव ने प्रधान संपादक के रूप में इसका कुशल मार्गदर्शन किया। वहीं, मुजफ्फरपुर की संपादक शुभी श्रीवास्तव ने इस अंक के संपादन, संयोजन और प्रस्तुतीकरण में मुख्य भूमिका निभाई है। संपादन टीम में सिवान की संपादक डॉ. पूनम कुमारी का भी विशेष योगदान रहा है।
पत्रिका के प्रमुख स्तंभ और विषय वस्तु
‘प्रज्ञानिका’ का यह अंक शिक्षा, नवाचार, तकनीक, साहित्य, पर्यावरण, नीति, स्वास्थ्य, खेल, यात्रा और समसामयिक विषयों का एक अनूठा मिश्रण है। पत्रिका में पाठकों के लिए कई विशेष स्तंभ शामिल किए गए हैं:
- शिक्षक गाथा: इस स्तंभ में शिक्षक स्रष्टा गगन कुमार ने मुजफ्फरपुर के राजकीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित केशव कुमार की वैश्विक शैक्षणिक यात्रा और उनके योगदान पर विस्तार से चर्चा की है।
- विद्यालय गाथा: विद्यालय सूत्रधार पुरुषोत्तम कुमार ने इस स्तंभ के माध्यम से स्वच्छ एवं हरित विद्यालय के महत्व को रेखांकित किया है।
- छात्र गाथा: अंकुर कथाकार निवेदिता रानी ने बच्चों की प्रेरणा, प्रतिभा और उनकी संभावनाओं से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं को साझा किया है।
- डिजिटल दुनिया: आधुनिक तकनीक से पाठकों को जोड़ने के लिए टेक्निकल लीड इं. शिवेंद्र प्रकाश सुमन ने एआई (AI) टूल्स के उपयोग और भविष्य की संभावनाओं पर महत्वपूर्ण जानकारी दी है।
शिक्षा जगत की प्रमुख खबरें और विविध योगदान
पत्रिका को समृद्ध बनाने के लिए बिहार के शिक्षकों ने एक से बढ़कर एक आलेख और रचनाएँ साझा की हैं। समाचार संयोजक मृत्युंजय कुमार ने ‘सुर्खियाँ’ स्तंभ के माध्यम से शिक्षा जगत की प्रमुख खबरों को पाठकों तक पहुँचाया है।
पत्रिका के सुव्यवस्थित स्वरूप के पीछे पूरी टीम की मेहनत है। कैलेंडर कोऑर्डिनेटर नेहा कुमारी ने आगामी कार्यक्रमों की जानकारी दी है, जबकि स्मिता ठाकुर ने बेहतरीन तस्वीरों का संयोजन किया है। डिजाइनिंग में शुभम कुमार ने संपादक शुभी श्रीवास्तव का विशेष सहयोग किया है।
टीचर्स ऑफ बिहार के प्रदेश प्रवक्ता रंजेश कुमार एवं प्रदेश मीडिया संयोजक मृत्युंजय कुमार ने बुधवार को इस प्रकाशन की आधिकारिक जानकारी दी।