बिहार एमएलसी चुनाव: 'सरकार नहीं बदलेगी, पर सिस्टम पर लगाम लगा सकते हैं जनता' - प्रशांत किशोर

जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बिहार में आगामी विधान परिषद (MLC) चुनावों को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। मुजफ्फरपुर में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि हालांकि ये चुनाव राज्य की सरकार या विपक्ष के नेतृत्व को नहीं बदलेंगे, लेकिन यह जनता के लिए मौजूदा व्यवस्था पर नियंत्रण पाने का एक बड़ा अवसर है।
सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि व्यवस्था पर नियंत्रण का मौका
प्रशांत किशोर ने स्पष्ट किया कि इन चुनावों का उद्देश्य सत्ता परिवर्तन करना नहीं है। उन्होंने कहा, "यह सरकार बनाने का चुनाव नहीं है। सरकार एनडीए की है और रहेगी। यह किसी को सरकार से हटाने का चुनाव भी नहीं है। तेजस्वी यादव विपक्ष के नेता हैं और वे बने रहेंगे।"
हालांकि, उन्होंने इस चुनाव के महत्व को समझाते हुए कहा कि "यह एक ऐसा चुनाव है जहां लोग अपने वोटों के माध्यम से बिहार की मौजूदा व्यवस्था पर लगाम लगा सकते हैं।"
इन निर्वाचन क्षेत्रों में होंगे चुनाव
भारत निर्वाचन आयोग ने बिहार, कर्नाटक, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में विधान परिषद के द्विवार्षिक चुनावों की घोषणा की है। ये चुनाव स्नातक (Graduates) और शिक्षक (Teachers) निर्वाचन क्षेत्रों के लिए आयोजित किए जा रहे हैं। बिहार के संदर्भ में विवरण इस प्रकार है:
- स्नातक निर्वाचन क्षेत्र: पटना, दरभंगा, तिरहुत और कोसी।
- शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र: पटना, दरभंगा, तिरहुत और सारण।
बिहार में कुल 8 सीटों के लिए मतदान होना है, जिनमें से 4 स्नातक और 4 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों से संबंधित हैं।
चुनाव का पूरा कार्यक्रम और महत्वपूर्ण तिथियां
निर्वाचन आयोग के अनुसार, संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी मुख्य तिथियां नीचे दी गई हैं:
- नामांकन की अंतिम तिथि: 6 अक्टूबर
- नामांकन की जांच: 7 अक्टूबर
- नाम वापसी की अंतिम तिथि: 9 अक्टूबर
- मतदान की तिथि: 23 अक्टूबर (सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक)
- मतगणना: 27 अक्टूबर
- प्रक्रिया का समापन: 31 अक्टूबर
बता दें कि इन निर्वाचन क्षेत्रों के वर्तमान सदस्यों का कार्यकाल 16 नवंबर को समाप्त हो रहा है, जिसके बाद ये सीटें खाली हो जाएंगी।