प्रशांत किशोर की विवादित टिप्पणी पर भड़की भाजपा, मांगी माफी

बिहार की राजनीति में जुबानी जंग अब बेहद तीखी हो गई है। जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर द्वारा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ कथित तौर पर 'गोली मारने' जैसी भाषा का इस्तेमाल करने पर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ा ऐतराज जताया है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रेम रंजन पटेल ने प्रशांत किशोर की विवादित टिप्पणी को बेहद गंभीर और निंदनीय बताया है।
लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन
प्रेम रंजन पटेल ने एक बयान जारी कर कहा कि राजनीतिक विरोध लोकतंत्र का एक अनिवार्य हिस्सा है, लेकिन हिंसा और धमकी भरी भाषा का प्रयोग लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह की बयानबाजी से समाज में तनाव और वैमनस्य बढ़ने का खतरा पैदा होता है।
पटेल के अनुसार, प्रशांत किशोर को यह समझना चाहिए कि राजनीति में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन हिंसा की धमकी किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि बिहार की गौरवशाली परंपरा सहिष्णुता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रही है, न कि टकराव और धमकी की।
जंगलराज की यादें और विकास की मांग
भाजपा प्रवक्ता ने बिहार के इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश की जनता ने 'जंगलराज' के दौर की चुनौतियों को देखा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या प्रशांत किशोर बिहार की राजनीति को फिर से उसी टकरावपूर्ण दिशा में ले जाना चाहते हैं, जिससे समाज में कटुता बढ़े?
"बिहार की जनता शांति, सुशासन और विकास चाहती है, न कि ऐसी बयानबाजी जो समाज में विभेद पैदा करे।"
पटेल ने जोर देकर कहा कि बिहार की राजनीति में धमकी नहीं, बल्कि भाईचारा और विकास की बात होनी चाहिए।
सार्वजनिक माफी की मांग
भाजपा ने मांग की है कि प्रशांत किशोर को अपने शब्दों की जिम्मेदारी लेनी चाहिए और सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में संयम और लोकतांत्रिक शिष्टाचार का पालन करना हर नेता के लिए अनिवार्य है।