प्रशांत किशोर का चुनाव आयोग पर बड़ा हमला, इस्तीफे की मांग

जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बिहार के समस्तीपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से ऐसा प्रतीत होता है कि वह सत्ताधारी दल की मदद कर रहा है।
केवल वोटर लिस्ट ही नहीं, कई मुद्दों पर संदेह
प्रशांत किशोर ने स्पष्ट किया कि उनकी चिंता केवल मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि पिछले 8-10 वर्षों में समाज का एक बड़ा हिस्सा पूरी चुनावी प्रक्रिया और चुनाव आयोग के काम करने के तरीके पर सवाल उठा रहा है।
उन्होंने कई महत्वपूर्ण बिंदुओं की ओर इशारा करते हुए कहा कि निम्नलिखित पहलुओं ने आयोग की छवि को प्रभावित किया है:
- वोटर लिस्ट तैयार करना: मतदाता सूची बनाने की प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव।
- चुनावों का कार्यक्रम: चुनाव की तारीखों के निर्धारण का तरीका।
- आचार संहिता: आदर्श आचार संहिता (MCC) को लागू करने में कथित भेदभाव।
- निगरानी और गिनती: ऑब्जर्वर्स की तैनाती और वोटों की गिनती के दौरान होने वाली अनियमितताएं।