शिक्षा नीति में बड़ा बदलाव लाएंगे जन सुराज के प्रत्याशी: प्रशांत किशोर

Ghazala Saheb17 October 20261 min read0 viewsBihar
शिक्षा नीति में बड़ा बदलाव लाएंगे जन सुराज के प्रत्याशी: प्रशांत किशोर

बिहार की शिक्षा व्यवस्था को लेकर जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने एक बड़ा दावा किया है। नवादा में आयोजित एक जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि यदि बिहार विधान परिषद के स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में जन सुराज के प्रत्याशियों की जीत होती है, तो राज्य में चल रही वित्तरहित शिक्षा नीति को समाप्त करने का रास्ता साफ हो जाएगा।

निजी कॉलेजों को अंगीभूत करने का लक्ष्य

प्रशांत किशोर ने स्पष्ट किया कि जन सुराज का उद्देश्य केवल सत्ता पाना नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाना है। उन्होंने कहा कि जीत के बाद निजी कॉलेजों को अंगीभूत (integrate) कराने और शिक्षकों व स्नातकों के अधिकारों की रक्षा के लिए एक व्यापक जन आंदोलन खड़ा किया जाएगा। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. अनुज सिंह और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. दिव्या ज्योति को विजयी बनाएं।

"चुनाव केवल प्रतिनिधि चुनने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह शिक्षकों, स्नातकों और युवाओं के भविष्य से जुड़े सवालों पर जवाब मांगने का अवसर भी है।"

रोजगार और अधिकारों के लिए संघर्ष

स्नातक प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह ने भी इस दौरान कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि जीत मिलने पर स्नातकों के लिए रोजगार के अवसर और बेरोजगारी भत्ता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक संघर्ष किया जाएगा। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि राज्य नए स्कूल और कॉलेज खोल सकता है, तो बेहतर बुनियादी ढांचे और योग्य शिक्षकों वाले निजी कॉलेजों को सरकार के साथ क्यों नहीं जोड़ा जा सकता?

डॉ. सिंह ने पिछले 18 वर्षों के राजनीतिक नेतृत्व पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि इतने लंबे समय तक पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने इन महत्वपूर्ण मुद्दों को सरकार के सामने प्रभावी ढंग से नहीं रखा, जिससे शिक्षकों और स्नातकों के हितों के साथ लगातार अन्याय होता रहा है।

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