विजयदशमी पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का संदेश: अधर्म पर धर्म की जीत का पर्व

Prakriti Singh20 October 20261 min read0 viewsDharm
विजयदशमी पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का संदेश: अधर्म पर धर्म की जीत का पर्व

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विजयदशमी के पावन अवसर पर देश और दुनिया भर में रहने वाले सभी भारतीयों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने इस पर्व के महत्व को रेखांकित करते हुए समाज में नैतिकता और कर्तव्य के पालन पर विशेष जोर दिया है।

बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक

राष्ट्रपति ने अपने संदेश में कहा कि विजयदशमी का पर्व भगवान श्री राम की रावण पर विजय का प्रतीक है। यह त्योहार अधर्म और अन्याय पर धर्म और न्याय की जीत का उत्सव मनाता है। उन्होंने कहा कि भगवान श्री राम को नैतिकता और सदाचार के साक्षात स्वरूप के रूप में पूजा जाता है।

विकसित भारत के निर्माण का आह्वान

राष्ट्रपति मुर्मू ने नागरिकों से भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं के महान आदर्शों को बनाए रखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा:

"भारतीय संस्कृति की जड़ें नैतिकता और कर्तव्य में निहित हैं। इस अवसर पर, आइए हम अपनी सांस्कृतिक परंपराओं के नेक आदर्शों को बनाए रखने का संकल्प लें और एक समावेशी समाज तथा विकसित भारत के निर्माण में योगदान दें।"

उन्होंने देश के विकास के लिए नागरिकों से इन मूल्यों को आत्मसात करने की अपील की।

खुशहाली और उत्तम स्वास्थ्य की कामना

इस पवित्र अवसर पर, राष्ट्रपति ने सभी नागरिकों के सुख, अच्छे स्वास्थ्य और कल्याण के लिए अपनी हार्दिक शुभकामनाएं भी व्यक्त कीं।

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