राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देखी 'विकसित भारत' की झलक, कलाकारों की कला ने जीता दिल
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में लोक कलाकारों से मुलाकात की और विकसित भारत थीम पर आधारित उनकी अद्भुत कलाकृतियों का अवलोकन किया।

नई दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को राष्ट्रपति भवन में देश के विभिन्न हिस्सों से आए पारंपरिक और लोक कलाकारों से मुलाकात की। इस विशेष अवसर पर उन्होंने 'आर्टिस्ट्स-इन-रेजिडेंस' कार्यक्रम के तहत तैयार की गई 'विकसित भारत' थीम पर आधारित कलाकृतियों का गहराई से अवलोकन किया।
परंपरा और आधुनिकता का अनूठा संगम
इस कार्यक्रम के हिस्से के रूप में, विभिन्न क्षेत्रीय कला परंपराओं का प्रतिनिधित्व करने वाले ये कलाकार वर्तमान में राष्ट्रपति भवन में ही प्रवास कर रहे हैं। इन कलाकारों ने अपनी कला के माध्यम से भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और देश के आधुनिक विकास के लक्ष्यों के बीच एक सुंदर संबंध स्थापित करने का प्रयास किया है।
प्रदर्शित की गई कलाकृतियों में भारत के विकास से जुड़े कई आधुनिक विषयों को प्रमुखता से दर्शाया गया है, जैसे:
- आधुनिक शहर और विकसित बुनियादी ढांचा
- पवन टरबाइन और नवीकरणीय ऊर्जा के स्रोत
- सतत ऊर्जा (Sustainable Energy) के विभिन्न रूप
विविध कला शैलियों का अद्भुत प्रदर्शन
राष्ट्रपति ने कलाकारों के साथ संवाद किया और उनकी विविध कला शैलियों की सराहना की। इन कलाकारों ने भारत की कई प्रसिद्ध पारंपरिक कला रूपों को जीवंत किया है, जिनमें शामिल हैं:
- ऐपण (Aipan)
- कलमकारी (Kalamkari)
- माता नी पचेड़ी (Mata ni Pachedi)
- कवि (Kavi)
- पिचवाई (Pichwai)
- वारली (Warli)
सांस्कृतिक संरक्षण की एक महत्वपूर्ण पहल
'आर्टिस्ट्स-इन-रेजिडेंस' कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भारत की पारंपरिक और क्षेत्रीय कला रूपों के अभ्यासकर्ताओं को राष्ट्रपति भवन जैसे प्रतिष्ठित मंच पर अपना हुनर प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करना है। यह पहल न केवल देश की विविध सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण में मदद करती है, बल्कि उन्हें समकालीन विषयों के माध्यम से नई अभिव्यक्ति देने के लिए भी प्रोत्साहित करती है।