इथेनॉल ब्लेंडिंग पर केंद्र को घेरा: प्रियंक खरगे का बड़ा आरोप, कहा- 'जनता को ठगा जा रहा है'
Karnataka Minister Priyank Kharge alleges the Centre is lying about ethanol blending levels to benefit specific companies.

कर्नाटक के मंत्री प्रियंक खरगे ने पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण (ethanol blending) को लेकर केंद्र सरकार पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता को गुमराह कर रही है और यह पूरी प्रक्रिया कुछ खास कंपनियों को फायदा पहुँचाने के लिए की जा रही है।
लैब रिपोर्ट्स में बड़ा खुलासा
प्रियंक खरगे ने दावा किया कि केंद्र सरकार ने पहले आश्वासन दिया था कि पेट्रोल में इथेनॉल का मिश्रण एक निश्चित सीमा से अधिक नहीं होगा। लेकिन, NABL (नेशनल एक्रिडिटेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लैबोरेटरीज) द्वारा मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं की रिपोर्ट कुछ और ही कहानी बयां कर रही हैं।
खरगे के अनुसार, लैब रिपोर्ट्स से पता चला है कि इथेनॉल मिश्रण की मात्रा निर्धारित सीमाओं को पार कर रही है। उन्होंने कहा, "सरकार झूठ बोल रही है। उन्होंने स्पष्ट कहा था कि यह एक निश्चित क्षमता से अधिक नहीं होगा, लेकिन NABL की रिपोर्टों ने साबित कर दिया है कि इथेनॉल मिश्रण तय सीमाओं को पार कर रहा है। कुछ मामलों में यह 35% से 40% तक पहुँच गया है।"
नेताओं के करीबियों को लाभ पहुँचाने का आरोप
मंत्री ने इस नीति के पीछे के असली मकसद पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इथेनॉल ब्लेंडिंग की यह पूरी कवायद केवल केंद्रीय मंत्रियों के परिवार से जुड़ी कंपनियों को फायदा पहुँचाने के लिए की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह जनता के साथ धोखाधड़ी है।
'1.3 अरब लोगों पर हो रहा है प्रयोग'
खरगे ने सुप्रीम कोर्ट में सॉलिसिटर जनरल की दलीलों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि केंद्र ने अदालत में इथेनॉल ब्लेंडिंग को एक 'प्रयोग' बताया था, जो पूरे देश में लागू नहीं है। इस पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा:
"अगर आप वास्तव में करीब से देखें, तो वे 1.3 अरब लोगों पर प्रयोग कर रहे हैं। यह कैसे संभव है? यह बिल्कुल स्पष्ट है कि केंद्र सरकार केवल मुनाफाखोरी के लिए अपने ही लोगों से झूठ बोल रही है।"
वाहनों को नुकसान और बढ़ती कीमतें
खरगे ने यह भी बताया कि वाहन संगठनों ने पत्र लिखकर चिंता जताई है कि अधिक इथेनॉल मिश्रण के कारण वाहनों को नुकसान पहुँच रहा है। उन्होंने बढ़ती कीमतों पर भी निशाना साधा और कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण ही विभिन्न वस्तुओं और सेवाओं के दाम बढ़ रहे हैं।
बस किराए और ईंधन की लागत पर तंज कसते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को चलाने के लिए ईंधन की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा, "बसें हवा से नहीं चलतीं और न ही वे मोदी के शब्दों से चलती हैं; उन्हें चलाने के लिए ईंधन डालना पड़ता है।"