RSS पर बरसे प्रियंक खरगे: बोले- 'धर्म के नाम पर चल रही मनी लॉन्ड्रिंग यूनिट'

कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियंक खरगे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। हैदराबाद में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान खरगे ने आरएसएस को 'अनरजिस्टर्ड मनी लॉन्ड्रिंग यूनिट' करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह संगठन धर्म की आड़ में देश में तमाम तरह की अवैध गतिविधियां संचालित कर रहा है।
खरगे का यह हमला कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह द्वारा आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद (VHP) की आलोचना किए जाने के बाद सामने आया है। दिग्विजय सिंह ने हाल ही में कहा था कि आरएसएस और वीएचपी ने 'हिंदुत्व' के नैरेटिव के जरिए देश के सामाजिक विमर्श को हाईजैक कर लिया है, जिससे विभिन्न समुदायों के बीच दूरियां पैदा हो रही हैं।
दिग्विजय सिंह का किया बचाव
दिग्विजय सिंह के बयानों पर उठ रहे सवालों के बीच प्रियंक खरगे ने उनका पुरजोर बचाव किया। उन्होंने सिंह की आलोचना करने वालों को जवाब देते हुए कहा कि दिग्विजय सिंह एक 'सच्चे सनातनी' हैं और आस्था के प्रति पूरी तरह समर्पित हैं। खरगे ने स्पष्ट किया कि सिंह की बातें समाज को बांटने के लिए नहीं, बल्कि सच्चाई दिखाने के लिए हैं।
हिंदुत्व और हिंदू धर्म के बीच का अंतर
आरएसएस की विचारधारा पर प्रहार करते हुए गृह मंत्री ने हिंदू धर्म और हिंदुत्व के बीच एक गहरी खाई बताई। उन्होंने कहा:
"हिंदुत्व और हिंदू धर्म में बहुत बड़ा अंतर है। हिंदुत्व वह विचार है जिसकी शुरुआत आरएसएस ने की थी, जबकि हिंदू धर्म हजारों वर्षों से अस्तित्व में है। इसलिए, किसी भी हिंदू को आरएसएस से कुछ भी सीखने की आवश्यकता नहीं है।"
खरगे ने आरएसएस की उम्र और उसके दावों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आरएसएस खुद को उस धर्म का एकमात्र रक्षक बताता है जो 3,000 साल पुराना है, जबकि खुद आरएसएस का अस्तित्व मात्र 100 साल पुराना है। उन्होंने कहा कि आरएसएस को इस प्राचीन भावना की न तो समझ है और न ही इसका कोई आधार है।
विभाजनकारी राजनीति का आरोप
इससे पहले दिग्विजय सिंह ने आरएसएस और वीएचपी पर निशाना साधते हुए कहा था कि:
- देश में लगातार हिंदुत्व की चर्चा को बढ़ावा देकर समाज में दरार पैदा की जा रही है।
- सावरकर द्वारा गढ़े गए 'हिंदुत्व' शब्द के इस्तेमाल से हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई समुदायों के बीच दूरियां बढ़ रही हैं।
- भारत की असली ताकत 'विविधता में एकता' है, जिसे आरएसएस के एजेंडे से खतरा है।
प्रियंक खरगे के इस ताजा बयान ने एक बार फिर देश में धर्म और राजनीति के बीच चल रहे टकराव को और तेज कर दिया है।