'बड़ी योजनाओं का क्या फायदा अगर महिलाएं सुरक्षित नहीं': जमुई कांड पर भड़कीं प्रियंका गांधी

Ghazala Saheb22 September 20262 min read1 viewBihar
'बड़ी योजनाओं का क्या फायदा अगर महिलाएं सुरक्षित नहीं': जमुई कांड पर भड़कीं प्रियंका गांधी

बिहार के जमुई में दो नाबालिग लड़कियों के साथ हुई कथित बदसलूकी और उत्पीड़न के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यदि महिलाएं सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षित नहीं हैं, तो सरकार की बड़ी-बड़ी विकास योजनाओं और कार्यक्रमों का कोई अर्थ नहीं रह जाता।

जमुई की घटना और पुलिस की कार्रवाई

यह मामला 19 सितंबर का है, जब दो किशोरियां अपनी कोचिंग क्लास से वापस लौट रही थीं। आरोप है कि कुछ लोगों के एक समूह ने उन्हें रोका और उनके साथ उत्पीड़न किया। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जनता में भारी आक्रोश है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है:

  • कानूनी कार्रवाई: पुलिस ने यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
  • गिरफ्तारी: इस मामले में अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
  • SIT का गठन: मामले की गहन जांच करने और शेष संदिग्धों की पहचान कर उन्हें पकड़ने के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है।

"सुरक्षा के बिना विकास बेमानी है": प्रियंका गांधी

केरल के वायनाड में अपनी यात्रा के दौरान इस मुद्दे पर बोलते हुए प्रियंका गांधी ने महिलाओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि समाज में असुरक्षा का माहौल लगातार गहराता जा रहा है।

"यह बहुत ही भयावह है। महिलाओं के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। यह असुरक्षित होता जा रहा है। मेरा मानना है कि यदि हम सड़कों पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सकते, तो बड़ी योजनाओं और कार्यक्रमों के बारे में बात करने का कोई फायदा नहीं है। राज्य और केंद्र, दोनों सरकारों को इस पर विचार करना चाहिए कि वे महिलाओं को सुरक्षित महसूस कराने के लिए क्या कर रहे हैं।"

विपक्ष और महिला आयोग का कड़ा रुख

जमुई की इस घटना ने बिहार में कानून व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस छेड़ दी है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी इस घटना की कड़ी निंदा की है और मांग की है कि दोषियों की पहचान कर उन्हें पोक्सो (POCSO) एक्ट के तहत सख्त सजा दी जाए।

वहीं, राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने भी इस मामले का स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने बिहार पुलिस से मामले में त्वरित कार्रवाई करने और आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की है।

इसके अलावा, प्रशासन ने उन सोशल मीडिया अकाउंटों के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू कर दी है जो नाबालिगों की पहचान उजागर करने वाले वीडियो प्रसारित कर रहे हैं, ताकि पीड़ितों की गोपनीयता का उल्लंघन न हो।

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