नशा विरोधी कार्यकर्ता की हत्या से पंजाब में उबाल, सरकार पर लगे गंभीर आरोप

पंजाब के मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परमिंदर सिंह झोटा की हत्या ने राज्य में एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। अकाली दल वारिस पंजाब दे के कार्यकारी अध्यक्ष तरसेम सिंह ने इस घटना के बाद राज्य सरकार पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार नशा तस्करी को रोकने में पूरी तरह विफल रही है और जो लोग इस सामाजिक बुराई के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं, उन्हें दबाया जा रहा है।
नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों को निशाना बनाया जा रहा है: तरसेम सिंह
तरसेम सिंह ने इस हत्या पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि परमिंदर सिंह झोटा को इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि वे लगातार नशे के खिलाफ मुखर थे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार नशा माफियाओं पर लगाम लगाने के बजाय उन लोगों पर पुलिसिया कार्रवाई कर रही है जो समाज को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।
तरसेम सिंह ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए निम्नलिखित मांगें की हैं:
- सरकार का इस्तीफा: उन्होंने कानून व्यवस्था की विफलता के लिए राज्य सरकार के इस्तीफे की मांग की है।
- निष्पक्ष जांच की मांग: उन्होंने इस हत्या की एक निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है ताकि इस साजिश के पीछे के असली चेहरों को सामने लाया जा सके।
- एनकाउंटर पर चेतावनी: उन्होंने पुलिस को सख्त चेतावनी दी है कि इस मामले में आरोपियों को खत्म करने के लिए किसी भी प्रकार के फर्जी 'एनकाउंटर' का सहारा न लिया जाए।
तरसेम सिंह ने यह भी दावा किया कि अमृतपाल सिंह के नशा विरोधी अभियान के दौरान भी कई लोगों को पुलिस कार्रवाई और जेल का सामना करना पड़ा है।
अमृतपाल सिंह की मां ने भी सरकार को घेरा
इस मामले में अमृतपाल सिंह की मां, बलविंदर कौर ने भी सरकार की नीतियों पर कड़े प्रहार किए। उन्होंने कहा कि पंजाब में वर्तमान में डर और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
"नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों की हत्या की जा रही है, जबकि नशे के कारोबार में शामिल लोगों को कथित तौर पर सुरक्षा और संरक्षण मिल रहा है।" — बलविंदर कौर
बलविंदर कौर ने आरोप लगाया कि सरकार का नशा विरोधी अभियान केवल कागजों तक सीमित है। उन्होंने कहा कि समाज के विभिन्न वर्गों, जैसे शिक्षकों, नर्सों और सफाई कर्मचारियों को भी सरकार की नीतियों के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने पुलिस पर यह आरोप भी लगाया कि वे शांतिपूर्ण तरीके से शोक व्यक्त करने और विरोध प्रदर्शन करने जा रहे लोगों को रोकने की कोशिश कर रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
यह पूरी घटना मानसा की है, जहां नशा विरोधी कार्यकर्ता परमिंदर सिंह झोटा पर एक मेडिकल स्टोर के मालिक ने गोली चला दी थी। गोली लगने के बाद झोटा को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद से ही मानसा और आसपास के इलाकों में भारी तनाव और आक्रोश देखा जा रहा है।