प्रोफेसर विवेकानंद सिंह को बड़ी जिम्मेदारी, अंतर-विश्वविद्यालय स्थानांतरण समिति के बने अध्यक्ष

पूर्णिया विश्वविद्यालय के वीसी प्रोफेसर विवेकानंद सिंह को अंतर-विश्वविद्यालय शिक्षक स्थानांतरण समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

Ghazala Saheb29 October 20262 min read0 viewsBihar
प्रोफेसर विवेकानंद सिंह को बड़ी जिम्मेदारी, अंतर-विश्वविद्यालय स्थानांतरण समिति के बने अध्यक्ष

बिहार के राज्यपाल-कुलपति सचिवालय ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए पूर्णिया विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर विवेकानंद सिंह को राज्य स्तरीय अंतर-विश्वविद्यालय शिक्षक स्थानांतरण समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया है। इस नई भूमिका के माध्यम से प्रोफेसर सिंह अब विभिन्न विश्वविद्यालयों के बीच शिक्षकों के स्थानांतरण से जुड़े मामलों की देखरेख करेंगे।

समिति का गठन और कानूनी आधार

राज्यपाल सचिवालय द्वारा 29 अक्टूबर, 2026 को जारी एक आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, इस स्टीयरिंग कमेटी का गठन बिहार राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम, 1976 की धारा 9(7)(i) के प्रावधानों के तहत किया गया है। इस समिति की मुख्य जिम्मेदारी उन आवेदनों की समीक्षा करना है, जो विभिन्न श्रेणियों के शिक्षकों द्वारा अंतर-विश्वविद्यालय स्थानांतरण के लिए प्रस्तुत किए जाते हैं।

किन आधारों पर मिल सकेगा शिक्षकों को ट्रांसफर?

स्थानांतरण की प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए कुछ विशेष मानवीय और सहानुभूतिपूर्ण आधार तय किए गए हैं। 27 फरवरी, 2025 को निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार, निम्नलिखित परिस्थितियों में स्थानांतरण पर विचार किया जा सकता है:

  • पारिवारिक आधार: यदि पति-पत्नी अलग-अलग विश्वविद्यालयों या सार्वजनिक सेवाओं में कार्यरत हैं और एक साथ रहने की इच्छा रखते हैं।
  • चिकित्सा आधार: यदि शिक्षक को या उसके किसी आश्रित को किसी ऐसी गंभीर या जानलेवा बीमारी है, जिसके लिए विशेष चिकित्सा उपचार की आवश्यकता है।

पहली बैठक और संचालन प्रक्रिया

समिति की पहली महत्वपूर्ण बैठक 5 नवंबर को पटना के बिहार लोक भवन में आयोजित होने वाली है। इस निकाय की कार्यप्रणाली को सुचारू बनाए रखने के लिए भविष्य में बैठकें त्रैमासिक (हर तीन महीने में) आधार पर आयोजित की जा सकती हैं।

पूर्णिया विश्वविद्यालय में खुशी का माहौल

प्रोफेसर विवेकानंद सिंह की इस महत्वपूर्ण नियुक्ति पर पूर्णिया विश्वविद्यालय के सदस्यों ने संतोष व्यक्त किया है। विश्वविद्यालय समुदाय का मानना है कि प्रोफेसर सिंह के व्यापक अनुभव और प्रशासनिक कुशलता से यह सुनिश्चित होगा कि स्थानांतरण की पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और नियमों के पूर्णतः अनुरूप संपन्न हो।

Share:

Comments

Leave a comment