पूर्णिया के 10 नन्हे वैज्ञानिकों का कमाल, राज्य स्तर पर दिखाएंगे दम

Ghazala Saheb13 October 20262 min read0 viewsBihar
पूर्णिया के 10 नन्हे वैज्ञानिकों का कमाल, राज्य स्तर पर दिखाएंगे दम

पूर्णिया जिले के लिए यह अत्यंत गर्व का विषय है कि यहाँ के 10 होनहार बाल वैज्ञानिकों का चयन नेशनल चिल्ड्रन साइंस कांग्रेस के राज्य स्तरीय कार्यक्रम के लिए किया गया है। दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रस्तुति प्रतियोगिता के बाद इन प्रतिभाशाली छात्रों के नामों की घोषणा की गई। ये नन्हे वैज्ञानिक अब 1 से 3 नवंबर तक बेगूसराय में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय कार्यक्रम में पूर्णिया जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे।

विशेषज्ञों की टीम ने किया चयन

प्रतियोगिता के दौरान चयन प्रक्रिया को बेहद पारदर्शी और उच्च स्तरीय रखा गया था। चयन पैनल में पूर्व जिला स्कूल प्रधानाचार्य नवल किशोर साह, सेवानिवृत्त व्याख्याता डॉ. मिथिलेश राय, रसायन विज्ञान व्याख्याता डॉ. सोफिया बानो और इंजीनियर सत्यम कुमार शामिल थे। इन विशेषज्ञों ने छात्रों के वैज्ञानिक दृष्टिकोण और उनकी प्रस्तुति के आधार पर विजेताओं का फैसला किया।

इन होनहार छात्रों ने मारी बाजी

जिला स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने वाले चयनित छात्रों की सूची निम्नलिखित है:

  • आयुष कुमार (ग्रुप लीडर) और किशन कुमार: हाई स्कूल धमधा
  • रति चौधरी और आयुषी कुमारी: इवोल्यूशन साइंस क्लब, पूर्णिया सिटी
  • हृदय सारिन और शशांक शंकर: मिलिया कॉन्वेंट इंग्लिश स्कूल, पूर्णिया
  • काश्मी कुमारी और फलक परवीन: हार्वेस्ट मिशन स्कूल, पूर्णिया सिटी
  • अभिराज आनंद और समीर कुमार: बीबीएम हाई स्कूल, भट्टा, पूर्णिया
  • ओम भट्ट और आयुष राज: हार्वेस्ट मिशन स्कूल, पूर्णिया सिटी
  • सोनाली सिंह और प्रभजोत सोधी: वीवीआरएस परोरा
  • दिव्या कुमारी और सोनम कुमारी: आकाशी मिडिल स्कूल, पूर्णिया
  • शिवानी कुमारी और आयुष कुमार: अपग्रेडेड हाई स्कूल कोढेली, डगराुआ
  • आकाश कुमार और अनिक वर्मा: वीवीआरएस परोरा

वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने की सलाह

जिला शैक्षणिक समन्वयक संतोष कुमार ने छात्रों को प्रस्तुति की बारीकियों के बारे में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया। उन्होंने बताया कि राज्य स्तर से राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचने के लिए प्रस्तुतीकरण में सूक्ष्म विवरणों का होना कितना आवश्यक है।

वहीं, जिला समन्वयक आलोक कुमार ने छात्रों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि "छात्रों को अपने आस-पास की स्थानीय समस्याओं को ध्यान से देखना चाहिए और वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाकर उनके समाधान खोजने का प्रयास करना चाहिए।"

मार्गदर्शक और सहयोगी टीम

इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में पंकज कुमार, वीर रंजन कुमार, डॉ. वसीम राजा, चंदन कुमार ठाकुर, अमृता कुमारी और मंजू कुमारी जैसे मार्गदर्शक शिक्षकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। साथ ही पारितोष कुमार मिश्रा, मौसम कुमार, अंकिता प्रिया, भाग्यश्री और आफरीन अख्तर ने कार्यक्रम के समन्वय में सहयोग किया। कार्यक्रम का समापन संयुक्त सचिव और युवा वैज्ञानिक सत्यम कुमार द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया।

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