पूर्णिया में जमीन के लेनदेन पर लगी रोक हटी, कैबिनेट का बड़ा फैसला

बिहार कैबिनेट ने पूर्णिया के 53 मौजों में जमीन के लेनदेन पर प्रतिबंध हटा दिया है। अब मास्टर प्लान के तहत निर्माण और बिक्री की जा सकेगी।

Ghazala Saheb29 October 20262 min read0 viewsBihar
पूर्णिया में जमीन के लेनदेन पर लगी रोक हटी, कैबिनेट का बड़ा फैसला

बिहार के पूर्णिया जिले के निवासियों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर आई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में पूर्णिया शहर के समीप स्थित ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के 53 मौजों में जमीन की खरीद-बिक्री और हस्तांतरण पर लगे प्रतिबंध को आधिकारिक तौर पर हटा दिया गया है। इस फैसले के बाद अब स्थानीय लोग अपनी जमीन का लेनदेन सुगमता से कर सकेंगे।

क्या था जमीन पर प्रतिबंध का मामला?

शहरी विकास की योजना बनाने के उद्देश्य से सरकार ने अप्रैल 2026 में 11 जिलों में जमीन के लेनदेन पर कड़े प्रतिबंध लगाए थे। इन प्रतिबंधों के कारण पूर्णिया के आसपास के 53 मौजों में जमीन खरीदना या बेचना लगभग असंभव हो गया था। हालांकि, सरकार ने 17 जून 2026 को कुछ सीमित राहत दी थी, लेकिन वह केवल पारिवारिक संकट या मेडिकल इमरजेंसी जैसी गंभीर स्थितियों तक ही सीमित थी।

हाई कोर्ट की सख्ती और जनता का दबाव

इस प्रतिबंध के कारण स्थानीय लोगों को भारी आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। मामला बढ़ता देख 10 अक्टूबर 2026 को पटना हाई कोर्ट ने इस पर संज्ञान लिया और सरकार से एक स्टेटस रिपोर्ट मांगी। कोर्ट ने इस बात की जांच करने को कहा कि इस प्रतिबंध से आम जनता को किन-किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कोर्ट की इस सक्रियता और जनता के बढ़ते दबाव के बाद सरकार को अपनी नीति में बदलाव करना पड़ा।

कैबिनेट सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने पुष्टि की है कि सरकार ने अब इन क्षेत्रों में जमीन के लेनदेन और हस्तांतरण के अधिकार बहाल कर दिए हैं।

अब कैसे होगा जमीन का विकास?

प्रतिबंध हटने का मतलब यह नहीं है कि अब बिना किसी नियम के निर्माण किया जा सकेगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि भूमि विकास और निर्माण कार्य केवल तभी किए जा सकेंगे जब वे निम्नलिखित शर्तों को पूरा करेंगे:

  • डेवलपमेंट कंट्रोल रेगुलेशन (DCR): सभी निर्माण कार्य सरकार द्वारा निर्धारित विकास नियंत्रण नियमों के अनुसार होने चाहिए।
  • मास्टर प्लान: निर्माण और भूमि विकास पूरी तरह से स्थापित मास्टर प्लान के अनुरूप होना अनिवार्य है।

सरकार जल्द ही एक आधिकारिक अधिसूचना जारी करेगी, जिसमें भविष्य के विकास के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।

भागलपुर के लिए क्या है स्थिति?

हालांकि पूर्णिया के लिए राहत की खबर है, लेकिन भागलपुर के कुछ हिस्सों के लिए स्थिति अभी भी वैसी ही बनी हुई है। विक्रमशिला ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप परियोजना के तहत आने वाले कोर क्षेत्रों में जमीन के हस्तांतरण और नए निर्माण पर पूर्ण प्रतिबंध जारी रहेगा। यह प्रतिबंध 30 जून 2027 तक लागू रहने की संभावना है।

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