पूर्णिया में पेपरलेस लैंड रजिस्ट्रेशन प्रणाली लागू होने से धीमी हुई रजिस्ट्री की रफ्तार, लोगों को हो रही परेशानी

पूर्णिया जिला में पेपरलेस लैंड रजिस्ट्रेशन प्रणाली लागू होने के बाद संपत्ति के रजिस्ट्रेशन की गति में अचानक भारी गिरावट दर्ज की गई है। इस नई व्यवस्था के कारण जमीन खरीद-बिक्री करने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पूर्णिया रजिस्ट्रेशन ऑफिस में पहले जहां रोजाना लगभग 80 डॉक्यूमेंट्स प्रोसेस होते थे, वहीं नई प्रणाली के तहत यह संख्या घटकर रोजाना दो से चार रजिस्ट्रेशन तक रह गई है।
अधिकारियों ने दी जानकारी और क्या आ रही है समस्या
जिला रजिस्ट्रेशन ऑफिसर उमा शंकर मिश्रा ने पुष्टि की है कि पिछले दो दिनों में केवल चार पेपरलेस रजिस्ट्रेशन पूरे किए गए हैं। बनमनखी और अमौर सब-रजिस्ट्रेशन ऑफिस में भी इसी तरह का प्रभाव देखा जा रहा है। रजिस्ट्रेशन पूरा करने की कोशिश करने वाले नागरिकों को वर्तमान में ऑनलाइन प्रोसेसिंग, डॉक्यूमेंट अपलोडिंग और डिजिटल वेरिफिकेशन सहित कई चरणों से गुजरना पड़ रहा है। अधिकारियों ने बताया कि इन टेक्निकल जरूरतों की जटिलता और जनता तथा डॉक्यूमेंट तैयार करने वाले स्टाफ के बीच जानकारी की कमी के कारण देरी हो रही है।
प्रशासन का अनुमान और जनता के लिए निर्देश
Authorities का अनुमान है कि इस प्रक्रिया को पूरी तरह समझने और रजिस्ट्रेशन की गति को सामान्य होने में एक से दो सप्ताह का समय लग सकता है। नई प्रणाली को पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ाने तथा पेपरलेस वातावरण को बढ़ावा देने के लिए डिजाइन किया गया है। अधिकारियों ने जनता से आग्रह किया है कि वे सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स के साथ ऑफिस पहुंचें और चल रही टेक्निकल और प्रक्रिया से जुड़ी चुनौतियों को कम करने के लिए पहले से ही ऑनलाइन प्रक्रियाओं से परिचित हों।