पूर्णिया में दिव्यांगों के लिए बड़ी राहत: 100% UDID कार्ड हेतु विशेष कैंप का आगाज

पूर्णिया जिला प्रशासन ने दिव्यांगजनों को सशक्त बनाने और उन्हें सरकारी सुविधाओं का सीधा लाभ दिलाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। जिले के सभी 14 ब्लॉकों में 100 प्रतिशत UDID (यूनिक डिसेबिलिटी आइडेंटिटी) कार्ड कवरेज सुनिश्चित करने के लिए विशेष कैंप आयोजित किए जा रहे हैं। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिले का कोई भी पात्र दिव्यांग व्यक्ति पहचान पत्र के अभाव में पीछे न छूट जाए।
कब और कहाँ लगेंगे ये कैंप?
यह विशेष अभियान 21 सितंबर से शुरू हो चुका है और इसे 7 अक्टूबर 2026 तक चलाने का लक्ष्य रखा गया है। इस अभियान के तहत विभिन्न तिथियों पर अलग-अलग स्थानों पर कैंप लगाए जा रहे हैं:
- 27 सितंबर: बैसी में एक कैंप का सफल आयोजन किया गया।
- 28 सितंबर: दगड़िया और रूपौली के रेफरल अस्पताल में कैंप आयोजित किए जाएंगे।
इन कैंपों का प्राथमिक उद्देश्य नए UDID कार्ड के लिए आवेदन प्राप्त करना और पुराने लंबित मामलों का मौके पर ही समाधान करना है।
मेडिकल मूल्यांकन और आवश्यक दस्तावेज
कैंपों में चिकित्सा टीमों को तैनात किया गया है, जो मौके पर ही दिव्यांगता का मूल्यांकन करेंगी। मूल्यांकन के बाद, सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार ऑनलाइन प्रमाण पत्र और UDID कार्ड जारी करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। आवेदन करने के लिए दिव्यांगजनों को निम्नलिखित दस्तावेज साथ लाने होंगे:
- दिव्यांगता प्रमाण पत्र (Disability Certificate)
- वैध सरकारी पहचान पत्र (जैसे ड्राइविंग लाइसेंस या बैंक पासबुक)
प्रशासन की जमीनी मुस्तैदी
इस अभियान को 'दिव्यांगजन सशक्तिकरण कोषांग' द्वारा संचालित किया जा रहा है। प्रशासन ने इस कार्य को सफल बनाने के लिए जमीनी स्तर पर पूरी ताकत झोंक दी है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायकों, आशा वर्करों, जीविका समूहों और पंचायत सचिवों को विशेष जिम्मेदारी दी गई है कि वे अपने क्षेत्र के सभी पात्र व्यक्तियों की पहचान करें और उन्हें इन कैंपों में शामिल होने के लिए प्रेरित करें।
बिहार भर में चल रहा है यह अभियान
पूर्णिया में चलाया जा रहा यह अभियान बिहार सरकार के एक व्यापक राज्यव्यापी कार्यक्रम का हिस्सा है। दिव्यांगजनों को सुलभ पहचान पत्र उपलब्ध कराने के लिए इसी तरह के विशेष कैंप बिहार के अन्य जिलों जैसे दरभंगा, मधुबनी, शिवहर, अरवल और नवादा में भी आयोजित किए जा रहे हैं।