'राहुल गांधी ने किया हिंदू अपमान का चुनाव': सीएम धामी का बड़ा हमला

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर राहुल गांधी हिंदू अपमान का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि विपक्षी दल सनातन परंपराओं को नुकसान पहुँचाना चाहते हैं। धामी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और उनकी पार्टी ने जानबूझकर हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करने और देश की अर्थव्यवस्था को अस्थिर करने का फैसला किया है।
त्योहारों के बीच अर्थव्यवस्था बिगाड़ने की साजिश
मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्षी दल त्योहारों के इस महत्वपूर्ण समय में देश की अर्थव्यवस्था को चोट पहुँचाने के लिए साजिश रच रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब व्यापारी और स्थानीय दुकानदार नवरात्रि, विजयदशमी और दिवाली जैसे बड़े त्योहारों के दौरान व्यापार की उम्मीद करते हैं, तब सड़कों को जाम करने और विरोध प्रदर्शन करने के जरिए व्यापार को रोकने की कोशिश की जा रही है।
"ऐसा लगता है कि राहुल गांधी और उनकी पूरी पार्टी ने हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करने, सनातन परंपरा का विरोध करने और देश में अस्थिरता फैलाने का विकल्प चुना है। वे देश की प्रगति को देख नहीं पा रहे हैं।" — पुष्कर सिंह धामी
'बांग्लादेश जैसी अराजकता फैलाने की कोशिश'
सीएम धामी ने कड़े शब्दों में कहा कि विपक्षी दलों का यह व्यवहार देश में बांग्लादेश जैसी अराजकता फैलाने जैसा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी जानबूझकर अशांति फैलाने वाले आंदोलनों को बढ़ावा दे रही है ताकि सार्वजनिक गतिविधियों और वाणिज्य को बाधित किया जा सके।
उत्तराखंड में सख्त कार्रवाई की चेतावनी
मुख्यमंत्री ने व्यापारियों को आश्वस्त किया कि उत्तराखंड में त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार का राजनीतिक व्यवधान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि:
- नवरात्रि, विजयदशमी, दिवाली, और छठ पूजा जैसे त्योहारों को पूरी तरह सुरक्षित रखा जाएगा।
- जो भी व्यक्ति कानून हाथ में लेगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- सरकार व्यापारियों और जनता के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
धामी ने यह भी उल्लेख किया कि सरकार ने राम नवमी जैसे पवित्र त्योहारों पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है, जो हमारी गहरी आस्था का प्रतीक है।
सुप्रीम कोर्ट का रुख
गौरतलब है कि दिल्ली में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के कारण थोक बाजारों और व्यापारियों को भारी नुकसान हो रहा है। इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा कि लोगों को असुविधा नहीं होनी चाहिए, हालांकि अदालत ने फिलहाल विरोध प्रदर्शनों पर तत्काल रोक लगाने से इनकार कर दिया है और इस मामले की अगली सुनवाई 26 अक्टूबर को तय की है।