पुष्कर सिंह धामी ने दलेर मेहंदी से की बात, विवाद पर दी सफाई
पुष्कर सिंह धामी ने दलेर मेहंदी से फोन पर बात कर उनका हाल जाना और विवाद पर सफाई दी।

देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मशहूर गायक दलेर मेहंदी से फोन पर बातचीत की। मुख्यमंत्री ने न केवल दलेर मेहंदी का कुशलक्षेम जाना, बल्कि हाल ही में उनके प्रदर्शन के दौरान हुए विवाद पर भी चर्चा की। धामी ने इस मामले को आपसी संवाद के जरिए सुलझाने और सकारात्मकता के साथ आगे बढ़ने की अपील की है।
'अतिथि देवो भव' की परंपरा का सम्मान
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड 'अतिथि देवो भव' की समृद्ध परंपरा को संजोए हुए है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमारी पहचान हमारी लोक संस्कृति, गर्मजोशी से भरा आतिथ्य और आपसी सद्भाव है। मुख्यमंत्री के अनुसार, उत्तराखंड में कला, संस्कृति और कलाकारों का हमेशा स्वागत और सम्मान किया जाता है।
"देवभूमि उत्तराखंड 'अतिथि देवो भव' की समृद्ध परंपरा को संजोए हुए है। हमारी लोक संस्कृति, आतिथ्य और सद्भाव की भावना ही देवभूमि की विशिष्ट पहचान है। यहाँ कला, संस्कृति और कलाकारों का हमेशा स्वागत और सम्मान किया जाता है।" - मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
क्या था पूरा विवाद?
यह विवाद तब शुरू हुआ जब नई टिहरी के नरेंद्र नगर में आयोजित सिद्धपीठ माँ कुंजपुरी पर्यटन और विकास मेले के दौरान एक घटना घटी। कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने दलेर मेहंदी के गायन के बीच में हस्तक्षेप किया और उनके प्रदर्शन पर सवाल उठाए।
सोशल मीडिया पर इस घटना का एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें मंत्री जी गायक की क्षमता पर टिप्पणी करते नजर आए। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर काफी प्रतिक्रियाएं आईं और कुछ लोगों ने गायक के स्वास्थ्य और व्यवहार को लेकर भी सवाल उठाए। हालांकि, बाद में यह स्पष्ट हुआ कि गायक की तबीयत ठीक नहीं थी।
मंत्री की सफाई और विवाद का अंत
मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट किया कि कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। मंत्री ने स्वीकार किया कि वे गायक के खराब स्वास्थ्य से अवगत नहीं थे और उनका इरादा किसी को ठेस पहुँचाने का बिल्कुल नहीं था। मुख्यमंत्री ने कहा कि चूंकि मंत्री ने स्वयं बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट कर दी है, इसलिए अब इस मामले को यहीं समाप्त मान लेना चाहिए।
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अनुसार, धामी ने दलेर मेहंदी के भाई और प्रसिद्ध गायक मिका सिंह से भी फोन पर बात की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी गलतफहमी या मतभेद को आपसी संवाद और सम्मानजनक माहौल में सुलझाया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार कला, संस्कृति और कलाकारों को सम्मानित करने के लिए हमेशा प्रतिबद्ध है।