रघुनाथपुर के किसानों को मिलेगी राहत, एसडीएम ने दिया बिजली सुधार का भरोसा
सुपौल के रघुनाथपुर में सिंचाई के लिए बिजली की समस्या से जूझ रहे किसानों के बीच एसडीएम पहुंचे। उन्होंने 2-3 दिनों में समाधान का भरोसा दिया।

सुपौल जिले के बसंतपुर प्रखंड अंतर्गत रघुनाथपुर गांव में सिंचाई के लिए बिजली की किल्लत से परेशान किसानों के लिए राहत भरी खबर है। रविवार को वीरपुर एसडीएम विनय कुमार ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ गांव का दौरा किया और किसानों की समस्याओं को सीधे तौर पर सुना। उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि अगले दो से तीन दिनों के भीतर बिजली आपूर्ति में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
सिंचाई के लिए तरस रहे किसान, फसल पर मंडराया संकट
रघुनाथपुर गांव के अधिकांश किसान सब्जी की खेती कर अपनी आजीविका चलाते हैं। सब्जी की फसलों के लिए नियमित अंतराल पर सिंचाई करना बेहद जरूरी होता है, लेकिन बिजली की बदहाल व्यवस्था ने किसानों की कमर तोड़ दी है। किसानों का कहना है कि बिजली न मिलने के कारण उनकी मेहनत पर पानी फिर रहा है और फसलों के खराब होने का डर बना हुआ है।
किसानों ने अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि:
- जर्जर तार: वर्ष 2020 में कृषि कार्य के लिए खेतों तक बिजली पहुंचाई गई थी, लेकिन रखरखाव के अभाव में अब तार पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं।
- कम क्षमता के ट्रांसफार्मर: क्षेत्र में लगे ट्रांसफार्मर की क्षमता कम होने के कारण पर्याप्त बिजली नहीं मिल पाती है।
- दूरी का संकट: बिजली व्यवस्था खराब होने के कारण किसानों को सिंचाई के लिए काफी दूर से बिजली का इंतजाम करना पड़ता है, जिससे लागत और समय दोनों बढ़ रहे हैं।
अधिकारियों ने मौके पर जाकर लिया जायजा
किसानों की बढ़ती परेशानियों को देखते हुए एसडीएम विनय कुमार ने खुद गांव पहुंचकर स्थिति का मुआयना किया। उन्होंने बिजली आपूर्ति की वर्तमान स्थिति और तकनीकी खामियों के बारे में संबंधित विभाग के अधिकारियों से चर्चा की।
"हमने किसानों की समस्याओं को गंभीरता से सुना है। बिजली आपूर्ति की स्थिति की जांच कर ली गई है और अगले दो से तीन दिनों के भीतर व्यवस्था को दुरुस्त करने की दिशा में ठोस पहल की जाएगी।" — विनय कुमार, एसडीएम
इस महत्वपूर्ण दौरे के दौरान एसडीएम के साथ बसंतपुर बीडीओ सुजीत कुमार मिश्रा, प्रखंड कृषि पदाधिकारी अमित कुमार और सहायक विद्युत अभियंता संजीव कुमार भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने मौके पर ही तकनीकी समस्याओं को नोट किया और जल्द से जल्द समाधान का भरोसा दिलाया ताकि किसानों की सब्जी की खेती प्रभावित न हो।