'यह शिव का तांडव है, कोई प्लानिंग नहीं चाहिए': CEC के खिलाफ राहुल गांधी का बड़ा हमला

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों की तुलना भगवान शिव के 'तांडव' से की है। दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इस आंदोलन को चलाने के लिए किसी औपचारिक या निश्चित योजना की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि यह एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है जो विभिन्न रूपों में प्रकट होगी।
'शिव की बारात में कोई भी शामिल हो सकता है'
AICC मुख्यालय में INDIA bloc के प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत करते हुए राहुल गांधी ने कहा, "मेरी बहन मुझसे कहती हैं कि हमें एक योजना बनानी चाहिए। तो मैंने उनसे कहा, 'तुम बात को समझ नहीं रही हो। यह तांडव है। यह भगवान शिव का नृत्य है। इसमें कोई प्लानिंग नहीं है। आज हम सुप्रीम कोर्ट जा रहे हैं; कल कुछ और होगा।'"
उन्होंने पिछले विरोध प्रदर्शन का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे आकाशवाणी भवन के पास उनके इरादे अलग थे। उन्होंने कहा, "हमारा प्लान था कि हम बस से जाएंगे, वहां बैठेंगे और गिरफ्तार होंगे। लेकिन पुलिस ने हमें आगे बढ़ने नहीं दिया, इसलिए हमने योजना बदल दी। क्या परिणाम योजना से आया या बिना योजना के? इस नृत्य में कोई भी शामिल हो सकता है। जो भी 'शिव की बारात' में शामिल होना चाहता है, वह आ सकता है।"
सुरक्षा एजेंसियों के भीतर भी उठे सवाल
राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सीधा हमला बोलते हुए उनके इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा, "हम केवल वही सवाल पूछ रहे हैं जो दो चुनाव आयुक्तों ने उठाया है: ज्ञानेश कुमार इस्तीफा क्यों नहीं दे रहे हैं? हम जानते हैं कि आपकी स्थिति क्या है, आप रात को सो नहीं पा रहे हैं, और चिंता न करें, हम आपको नहीं छोड़ेंगे।"
कांग्रेस नेता ने एक गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सुरक्षा एजेंसियों के भीतर भी इस बात को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि प्रदर्शनकारियों और RSS के सदस्यों के साथ अलग-अलग व्यवहार क्यों किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि गृह मंत्रालय, दिल्ली पुलिस, CRPF और ITBP के भीतर यह सवाल पूछा जा रहा है कि युवाओं को