'राहुल गांधी को संसद में बोलने का हक मिले', बहस की चुनौती पर बोले मंत्री
तेलंगाना मंत्री मोहम्मद अज़हरुद्दीन ने राहुल गांधी की बहस की चुनौती का समर्थन किया, वहीं भाजपा ने राहुल पर 'होमवर्क' की कमी का आरोप लगाया।

तेलंगाना के मंत्री मोहम्मद अज़हरुद्दीन ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की बहस की चुनौती का समर्थन किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राहुल गांधी को संसद में अपनी बात रखने का अवसर मिलना चाहिए।
बहस का समर्थन और मंत्री का बयान
राहुल गांधी द्वारा बहस की मांग किए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए अज़हरुद्दीन ने कहा कि इस मुद्दे पर चर्चा का स्वागत है। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि राहुल गांधी लंबे समय से कह रहे हैं कि इस मुद्दे पर चर्चा होनी चाहिए। चर्चा कहीं भी हो सकती है, लेकिन उन्हें संसद में बोलने की अनुमति भी मिलनी चाहिए। यह बहुत महत्वपूर्ण है।"
भाजपा का पलटवार: 'राहुल गांधी ने नहीं किया कोई होमवर्क'
वहीं, केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) के मुद्दे पर "कोई होमवर्क" नहीं किया है। जोशी ने कहा कि राहुल गांधी अमित शाह का एक "कटा हुआ और संदर्भ से बाहर का वीडियो" इस्तेमाल कर रहे हैं।
"अमित शाह जी का कटा हुआ वीडियो दिखाना केवल एक ही बात दर्शाता है—राहुल गांधी की होमवर्क की कमी। राहुल जी, भ्रम आपको है, हमें नहीं! जब आप चुनाव जीतते हैं, तो चुनावी प्रक्रिया स्वीकार्य होती है; जब आप हारते हैं, तो वही प्रक्रिया अचानक संदिग्ध हो जाती है। क्या यही लोकतंत्र की आपकी समझ है?"
जोशी ने आगे सवाल उठाया कि जब 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव हुए, तब कोई SIR नहीं किया गया था, तो क्या राहुल गांधी उन हारों की जिम्मेदारी लेंगे या फिर कुछ और दोष देंगे?
क्या है पूरा मामला?
यह विवाद तब गरमाया जब राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ "किसी भी मंच, किसी भी समय और किसी भी स्थान" पर खुली बहस करने की चुनौती दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोल के जरिए युवाओं से पूछा था कि क्या वे मोदी और उनके बीच बहस देखना चाहते हैं। इस बीच, अमित शाह ने कहा है कि यदि कांग्रेस औपचारिक रूप से मांग करती है, तो केंद्र सरकार इस मुद्दे पर चर्चा के लिए विशेष सत्र बुलाने के लिए तैयार है।