"वायनाड के आदिवासियों के लिए काम क्यों नहीं करते?": राहुल गांधी पर राजीव चंदेकर का तीखा हमला

भारतीय जनता पार्टी के नेता राजीव चंदेकर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उनके हालिया राजनीतिक कदमों पर सवाल उठाए हैं। चंदेकर ने राहुल गांधी के मध्य प्रदेश के बालाघाट दौरे पर प्रतिक्रिया देते हुए पूछा कि वे अपने स्वयं के निर्वाचन क्षेत्र वायनाड में अनुसूचित जनजातियों (ST) से जुड़े मुद्दों को हल करने के लिए कार्यक्रम क्यों नहीं करते हैं?
वायनाड की अनदेखी पर उठाए सवाल
राहुल गांधी द्वारा बालाघाट में आदिवासी परिवारों से मिलने की घोषणा के बाद, राजीव चंदेकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तीखा हमला बोला। उन्होंने पूछा, "वे वायनाड के आदिवासियों के लिए कार्यक्रम क्यों नहीं कर रहे हैं? वायनाड में अनुसूचित जनजातियों की स्थिति देखनी चाहिए। वे इन मुद्दों को क्यों नहीं देख रहे हैं?"
चंदेकर ने आगे सवाल किया कि राहुल गांधी केरल में 'छात्रों की गूंज' जैसे कार्यक्रम क्यों नहीं आयोजित करते और वे अपनी बहन के साथ केरल क्यों नहीं आते। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी केवल राजनीतिक लाभ के लिए दूसरे राज्यों का दौरा कर रहे हैं, जबकि अपने क्षेत्र की समस्याओं को नजरअंदाज कर रहे हैं।
भ्रामक सूचनाएं और पितृसत्ता पर वार
राजीव चंदेकर ने राहुल गांधी पर लगातार गलत जानकारी फैलाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "राहुल गांधी हर समय भ्रामक सूचनाएं फैलाते हैं। उनका यह दावा कि भारतीय अर्थव्यवस्था मर चुकी है, पूरी तरह गलत है। उनका यह कहना भी गलत है कि सरकार केवल अंबानी और अडानी के लिए काम करती है।"
हाल ही में पितृसत्ता (patriarchy) पर राहुल गांधी की टिप्पणी का जिक्र करते हुए चंदेकर ने तंज कसा, "दो दिन पहले राहुल गांधी ने पितृसत्ता को कुचलने की बात कही थी। अगर आप पितृसत्ता को खत्म करना चाहते हैं, तो इसकी शुरुआत केरल से क्यों नहीं करते?"
इसके साथ ही, उन्होंने केरल की वर्तमान सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस और सीपीएम (CPM) अलग होने का नाटक करते हैं, लेकिन वास्तव में वे एक ही हैं। उन्होंने राहुल गांधी को 'सेकुलरिज्म का रक्षक' नहीं बल्कि 'अपने परिवार का रक्षक' करार दिया।
राहुल गांधी का बालाघाट दौरा और उद्देश्य
दूसरी ओर, राहुल गांधी गुरुवार को बालाघाट का दौरा कर रहे हैं। उनका उद्देश्य उन आदिवासी परिवारों से मिलना है जिन्होंने बीमारी, कुपोषण और बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण अपने बच्चों को खो दिया है। बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौत को लेकर राजनीतिक विवाद चल रहा है, जिसमें कुपोषण, खसरा और मलेरिया जैसी बीमारियों को मुख्य कारण माना जा रहा है।
राहुल गांधी ने अपने एक पोस्ट में कहा, "मैं उन मासूम बच्चों को खोने वाले आदिवासी परिवारों से मिलने बालाघाट आ रहा हूँ। मैं उन्हें बताना चाहता हूँ कि इस दुख में वे अकेले नहीं हैं—मैं उनके साथ हूँ।" उन्होंने केन-बेतवा परियोजना से प्रभावित परिवारों और स्कूलों में सुविधाओं की कमी जैसे मुद्दों को भी उठाया है।
कांग्रेस का पलटवार: गांधी परिवार की विरासत का हवाला
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राहुल गांधी के इस कदम का बचाव करते हुए कहा कि गांधी परिवार हमेशा से आदिवासियों के साथ खड़ा रहा है। उन्होंने कहा, "गांधी परिवार ने हमेशा आदिवासियों को समाज में स्थान दिया है, ठीक वैसे ही जैसे हमारी दादी ने किया था। स्वर्गीय राजीव गांधी जी ने कभी आदिवासियों के अधिकारों के लिए संघर्ष करने में कमी नहीं छोड़ी। वे अमीरों के खिलाफ लड़े, लेकिन आदिवासियों के अधिकारों की हमेशा रक्षा की।"