खरगे के बयान पर राजीव प्रताप रूडी का तीखा हमला
भाजपा सांसद राजीव प्रताप रूडी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बयान को निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस की गिरती राजनीति का संकेत है।

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद राजीव प्रताप रूडी ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के हालिया बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। रूडी ने इस टिप्पणी को बेहद निंदनीय, चिंताजनक और देश की लोकतांत्रिक मर्यादाओं को तार-तार करने वाला करार दिया है।
लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन
सांसद कार्यालय से जारी एक विज्ञप्ति में रूडी ने कहा कि लोकतंत्र में पक्ष-विपक्ष और संविधान की अपनी महत्वपूर्ण भूमिका होती है, लेकिन इस पूरी व्यवस्था में देश के प्रधानमंत्री की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि मल्लिकार्जुन खरगे जैसे अनुभवी नेता से सार्वजनिक जीवन में अधिक जिम्मेदार और मर्यादित भाषा की अपेक्षा की जाती है। रूडी ने उनके शब्दों पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि खरगे के इस बयान को पूरे देश और दुनिया ने देखा है।
कांग्रेस की मानसिकता पर सवाल
रूडी ने कड़े शब्दों में कहा कि खरगे के इस बयान के पीछे उनकी उम्र का तकाजा, मानसिकता या भीतर का द्वेष हो सकता है, जो कि एक गंभीर विचार का विषय है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि कांग्रेस की वर्तमान राजनीतिक स्थिति का सीधा असर उसके नेतृत्व की भाषा और आचरण में साफ दिखाई दे रहा है।
"यदि कांग्रेस नेतृत्व इसी तरह की सोच और भाषा के साथ आगे बढ़ता रहा, तो आने वाले समय में पार्टी के अस्तित्व और राजनीतिक प्रासंगिकता पर गंभीर प्रश्न खड़े होना तय है।"
आत्ममंथन की जरूरत
भाजपा सांसद ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस अध्यक्ष का यह बयान न तो देशवासियों को और न ही भाजपा कार्यकर्ताओं को कतई स्वीकार्य है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राजनीतिक विरोध और वैचारिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन भाषा की मर्यादा और संवैधानिक पदों की गरिमा से समझौता नहीं किया जा सकता। अंत में उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व को इस विषय पर गंभीरता से आत्ममंथन करने की सलाह दी है।