अररिया: बेजुबानों की आवाज बनेंगे राकेश रौशन, पशु क्रूरता निवारण समिति के सदस्य नियुक्त
अररिया में सामाजिक कार्यकर्ता राकेश रौशन का जिला पशु क्रूरता निवारण समिति के सदस्य के रूप में चयन हुआ है। वे पशु संरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

अररिया जिले में बेजुबान पशुओं के अधिकारों की रक्षा और उन्हें क्रूरता से बचाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। सामाजिक कार्यकर्ता राकेश रौशन को जिला पशु क्रूरता निवारण समिति के सदस्य के रूप में चुना गया है। जिला प्रशासन ने उन्हें इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए आधिकारिक मनोनयन पत्र सौंप दिया है।
पशु क्रूरता रोकने के लिए क्या करेगी समिति?
इस समिति का प्राथमिक उद्देश्य पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 के प्रावधानों को जिले में प्रभावी ढंग से लागू करना है। समिति का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी बेजुबान जानवर को अनावश्यक पीड़ा, प्रताड़ना या अमानवीय व्यवहार का सामना न करना पड़े।
समिति के कार्यों में निम्नलिखित महत्वपूर्ण बिंदु शामिल होंगे:
- पशुओं के खिलाफ होने वाली क्रूरता की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाना।
- घायल और बेसहारा पशुओं को रेस्क्यू करना और उनके उपचार की समुचित व्यवस्था करना।
- पशु आश्रय स्थलों (Shelters) का प्रबंधन और संचालन सुनिश्चित करना।
- अवैध पशु तस्करी पर कड़ी निगरानी रखना।
- पशु परिवहन के नियमों का कड़ाई से अनुपालन करवाना।
समाज में संवेदनशीलता जगाना है लक्ष्य
समिति केवल कानूनी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसका एक बड़ा हिस्सा सामाजिक जागरूकता पर केंद्रित होगा। आम लोगों के बीच पशु प्रेम, दया और करुणा की भावना विकसित करने के लिए विभिन्न अभियान चलाए जाएंगे, ताकि समाज में पशु संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता बढ़े।
राकेश रौशन ने ली जिम्मेदारी निभाने की शपथ
अपनी नियुक्ति पर जिला प्रशासन और जिला पशुपालन पदाधिकारी का आभार व्यक्त करते हुए राकेश रौशन ने कहा कि बेजुबान पशुओं की सेवा और सुरक्षा करना केवल प्रशासन का नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे इस जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी निष्ठा और सक्रियता के साथ करेंगे।
"बेजुबान पशुओं की सेवा, सुरक्षा और उनके प्रति मानवीय संवेदना विकसित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। मैं इस दायित्व को पूरी ईमानदारी से निभाऊंगा।" — राकेश रौशन