किसान नेताओं की पुलिस वेरीफिकेशन पर भड़के राकेश टिकैत, कहा- सरकार डराने की कर रही है कोशिश

Prakriti Singh21 August 20261 min read53 viewsUttar Pradesh
किसान नेताओं की पुलिस वेरीफिकेशन पर भड़के राकेश टिकैत, कहा- सरकार डराने की कर रही है कोशिश

किसान संगठनों से जुड़े नेताओं की पुलिस वेरीफिकेशन को लेकर भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने सरकार और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। किसान नेताओं के घरों पर भेजे जा रहे वेरीफिकेशन फॉर्म और उनमें मांगी जा रही व्यक्तिगत जानकारी को लेकर भाकियू में नाराजगी है।

पहले सरकार के लोगों का डाटा कलेक्ट करे पुलिस

राकेश टिकैत ने कहा कि थानों के निकट जो सरकार के लोग हैं, पहले उनका डाटा कलेक्ट किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि वे लोग अपनी पूरी जानकारी पुलिस को दे देते हैं तो किसान संगठन से जुड़े लोग भी अपनी जानकारी देने पर विचार करेंगे।

किसान संगठनों को डराने की कोशिश

भाकियू राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि पुलिस की ओर से इस तरह की जानकारी जुटाने से किसान संगठनों के बीच डर का माहौल पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसान संगठन किसी दबाव में आने वाले नहीं हैं और अपने अधिकारों की आवाज उठाते रहेंगे।

किसान अपना बायोडाटा थाने में नहीं देगा

राकेश टिकैत ने दोहराया कि किसान अपना बायोडाटा लेकर थाने में नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर किसानों को अपनी जानकारी देनी होगी तो वह पंचायत के माध्यम से दी जाएगी।

देश का संविधान एक, कानून एक

राकेश टिकैत ने कहा कि देश का संविधान एक है और कानून एक है। उन्होंने सवाल किया कि यदि नियम सभी के लिए समान हैं तो किसान संगठनों से जुड़े लोगों के लिए इस तरह की अलग प्रक्रिया क्यों अपनाई जा रही है।

बैंक खातों और परिवार की जानकारी पर भी उठे सवाल

पुलिस वेरीफिकेशन फॉर्म में कथित तौर पर बैंक खातों, रोजगार, परिवार और आपराधिक इतिहास जैसी जानकारी मांगे जाने को लेकर भी भाकियू ने आपत्ति जताई है। संगठन का कहना है कि व्यक्तिगत और आर्थिक जानकारी लेने की प्रक्रिया का उद्देश्य स्पष्ट किया जाना चाहिए।

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