राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम ने बदली सात वर्षीय सिफत की जिंदगी, नि:शुल्क सर्जरी से मिली नई उम्मीद

किशनगंज में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) ने जन्मजात मुड़े पैर की समस्या से जूझ रही सात वर्षीय सिफत परवीन के जीवन को नई दिशा दी है। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण परिवार इलाज को लेकर चिंतित था, लेकिन सरकारी योजना के तहत उसकी नि:शुल्क सर्जरी कराई गई। इस पहल से परिवार को बड़ी राहत मिली है और सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर उनका भरोसा बढ़ा है।
आरबीएसके योजना से सिफत का हुआ नि:शुल्क इलाज
कोचाधामन प्रखंड के सोनथा गांव की रहने वाली सात वर्षीय सिफत परवीन जन्मजात रूप से मुड़े पैर यानी क्लबफुट की समस्या से पीड़ित थी। कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण महंगा इलाज कराना परिवार के लिए संभव नहीं था, जिससे परिजन बेहद परेशान थे। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य विभाग ने उसकी समस्या की पहचान की और उसे बेहतर उपचार के लिए जेएलएनएमसीएच, भागलपुर भेजा। वहां 27 मार्च 2026 को क्लबफुट की सर्जरी पूरी तरह नि:शुल्क की गई, जिससे बिना किसी आर्थिक बोझ के परिवार को राहत मिली। सिफत की मां ने बताया कि ऑपरेशन के खर्च को लेकर हमेशा डर बना रहता था, लेकिन आरबीएसके के माध्यम से सब कुछ नि:शुल्क होने पर उन्हें अब उम्मीद है कि सिफत सामान्य बच्चों की तरह चल सकेगी।
जिले में कई अन्य बच्चों का भी हुआ सफल उपचार
रविवार को सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने जानकारी दी कि वर्ष 2025 में जिले के 10 क्लबफुट पीड़ित बच्चों का उपचार और सर्जरी कराई गई, जबकि वर्ष 2026 में अब तक पांच बच्चों को इसका लाभ मिल चुका है। इसके अलावा जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित 16 बच्चों की वर्ष 2025 में और छह बच्चों की वर्ष 2026 में सर्जरी कराई गई है। बाल श्रवण योजना के तहत तीन तथा कटे होंठ एवं तालू की समस्या से पीड़ित तीन बच्चों को भी सर्जरी की सुविधा मिल चुकी है। साथ ही वर्ष 2025 में न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट के दो बच्चों का भी उपचार कराया गया है।
प्रशासन की अपील और बच्चों का भविष्य
जिलाधिकारी नवीन कुमार ने कहा कि किसी भी बच्चे के इलाज और भविष्य में आर्थिक स्थिति बाधा नहीं बननी चाहिए। आरबीएसके के माध्यम से बच्चों की समय पर पहचान कर उन्हें आवश्यक उपचार और विशेषज्ञ सेवाएं दी जा रही हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों में जन्मजात विकृति या अन्य स्वास्थ्य समस्या दिखने पर समय पर स्वास्थ्य संस्थान से संपर्क करें। सिफत का यह सफल उपचार उन सभी परिवारों के लिए उम्मीद का संदेश है जो पैसों की कमी के कारण अपने बच्चों के इलाज को लेकर परेशान रहते हैं।