औरंगाबाद का बदलेगा नाम? डॉ. अनुग्रह नारायण सिंह के नाम पर रखने की मांग
औरंगाबाद जिले का नाम बदलकर 'बिहार विभूति' डॉ. अनुग्रह नारायण सिंह के नाम पर रखने के लिए मुख्यमंत्री को याचिका भेजी गई है।

बिहार के औरंगाबाद जिले का नाम बदलने की मांग अब जोर पकड़ रही है। राज्य के प्रख्यात नेता और 'बिहार विभूति' के नाम से विख्यात डॉ. अनुग्रह नारायण सिंह के सम्मान में जिले का नामकरण करने के लिए मुख्यमंत्री को एक औपचारिक याचिका भेजी गई है। राज्यसभा महोत्सव संघ के प्रदेश अध्यक्ष संजीव कुमार सिंह ने इस संबंध में एक पत्र लिखकर यह अनुरोध किया है, जिसमें इस मांग को लंबे समय से चली आ रही जनभावना बताया गया है।
क्यों उठ रही है नाम बदलने की मांग?
याचिका में डॉ. अनुग्रह नारायण सिंह के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए कई ठोस तर्क दिए गए हैं, जो उनके ऐतिहासिक महत्व को दर्शाते हैं:
- जन्मभूमि का संबंध: डॉ. अनुग्रह नारायण सिंह का जन्म 18 जून, 1887 को पोइया गांव में हुआ था, जो वर्तमान में औरंगाबाद जिले का ही हिस्सा है।
- स्वतंत्रता संग्राम में योगदान: वे महात्मा गांधी के अत्यंत करीबी सहयोगी थे। उन्होंने 1917 के चंपारण सत्याग्रह, 1930 के नमक सत्याग्रह और भारत छोड़ो आंदोलन जैसे महत्वपूर्ण आंदोलनों में सक्रिय भूमिका निभाई और इसके लिए उन्हें कई बार जेल भी जाना पड़ा।
- आधुनिक बिहार के निर्माता: डॉ. राजेंद्र प्रसाद और डॉ. श्री कृष्ण सिंह के साथ मिलकर उन्हें आधुनिक बिहार के निर्माण करने वाले प्रमुख नायकों में गिना जाता है।
राजनीतिक सफर और ऐतिहासिक उपलब्धियां
डॉ. अनुग्रह नारायण सिंह का कद भारतीय राजनीति में अत्यंत ऊंचा रहा है। उन्होंने न केवल देश के संविधान निर्माण में अपना योगदान दिया, बल्कि स्वतंत्र भारत के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने में भी अहम भूमिका निभाई।
"डॉ. अनुग्रह नारायण सिंह ने 1946 से 1957 तक स्वतंत्र बिहार के पहले उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री के रूप में कार्य किया। इसके अलावा, वे ब्रिटिश काल के दौरान 1937 में डिप्टी पीएम के रूप में भी कार्यरत रहे।"
उन्होंने श्रम, लोक निर्माण, स्वास्थ्य और कृषि जैसे महत्वपूर्ण विभागों का नेतृत्व किया। उनके राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाते हुए उनके पुत्र सत्येंद्र नारायण सिंह भी बिहार के मुख्यमंत्री रहे हैं।
क्या है प्रस्तावित नाम?
याचिका में इस बात पर दुख जताया गया है कि जिस महान व्यक्तित्व का जन्म इस मिट्टी में हुआ, उनके नाम पर जिले का नाम अब तक नहीं रखा गया। इस संबंध में दो प्रमुख नाम सुझाए गए हैं:
- बिहार विभूति डॉ. अनुग्रह नारायण सिंह जिला
- बिहार विभूति अनुग्रह धाम, औरंगाबाद
प्रस्तावित मांग के पीछे मुख्य उद्देश्य डॉ. सिंह को एक उचित श्रद्धांजलि देना और आने वाली युवा पीढ़ी को उनके महान जीवन से प्रेरित करना है।