शिल्पी पोखरा की बदलेगी सूरत: जनप्रतिनिधियों ने हाथ में उठाया झाड़ू, सौंदर्यीकरण की बड़ी तैयारी

छपरा के प्रसिद्ध शिल्पी पोखरा परिसर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए एक विशेष अभियान चलाया गया। 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में केवल सफाई कर्मचारी ही नहीं, बल्कि शहर के बड़े जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी खुद आगे आकर श्रमदान किया। इस दौरान पोखरा परिसर और उसके आस-पास के संपूर्ण क्षेत्र की गहन सफाई की गई।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने मिलकर किया श्रमदान
इस सफाई अभियान की सबसे खास बात यह रही कि इसमें समाज के हर वर्ग ने एकजुट होकर हिस्सा लिया। पोखरा परिसर को चकाचक करने के लिए स्थानीय विधायक, महापौर और नगर निगम की टीम ने मिलकर सामूहिक श्रमदान किया। इस मौके पर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी ने स्वच्छता के प्रति एक मजबूत संदेश दिया।
अभियान में शामिल प्रमुख व्यक्तित्वों में शामिल थे:
- विधायक: छोटी कुमारी
- महापौर: लक्ष्मी नारायण गुप्ता
- उप महापौर: रागिनी कुमारी
- नगर आयुक्त: रणजीत कुमार
- अनुमंडल पदाधिकारी: नितेश कुमार
इसके साथ ही उप नगर आयुक्त अरशद इमाम, स्वच्छता पदाधिकारी संजीव कुमार मिश्रा व सुमित कुमार, नगर प्रबंधक अरविंद कुमार और वेद प्रकाश वर्णवाल सहित बड़ी संख्या में सफाई कर्मियों ने इस कार्य में अपना योगदान दिया।
अब आधुनिक लाइटों से जगमगाएगा पोखरा
नगर आयुक्त रणजीत कुमार ने इस अवसर पर शिल्पी पोखरा के भविष्य को लेकर एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि पोखरा के जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण की व्यापक योजनाएं तैयार की जा रही हैं।
"हमारा प्रयास है कि शिल्पी पोखरा को एक व्यवस्थित, स्वच्छ और सुंदर रूप दिया जाए। इसे शहर का एक प्रमुख आकर्षण केंद्र बनाना है, ताकि नागरिक यहाँ सुबह और शाम टहलने का आनंद ले सकें।"
परिसर को और अधिक सुरक्षित और मनमोहक बनाने के लिए पोखरा के चारों ओर आधुनिक लाइटें लगाने की योजना है, जिससे रात के समय भी इसकी सुंदरता और सुरक्षा दोनों सुनिश्चित हो सकेंगी।
नागरिकों से विशेष अपील
सफाई अभियान के दौरान केवल कचरा ही नहीं हटाया गया, बल्कि स्थानीय लोगों को जागरूक करने का भी प्रयास किया गया। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की कि वे अपने आसपास के जलस्रोतों को स्वच्छ बनाए रखें और कचरा केवल निर्धारित स्थानों पर ही फेंकें, ताकि शहर की स्वच्छता बनी रहे और जलस्रोतों को नुकसान न पहुंचे।