ऋषि सुनक ने की पीएम मोदी से मुलाकात, मोदी के काम की जमकर तारीफ

ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने पर उन्हें बधाई दी और दोनों देशों के बीच मजबूत होते संबंधों की सराहना की।
मोदी की कार्यशैली और ऊर्जा को सराहा
ऋषि सुनक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए प्रधानमंत्री मोदी के प्रति अपना सम्मान व्यक्त किया। उन्होंने मोदी के साथ काम करने के अपने अनुभवों को याद किया और उनके नेतृत्व की जमकर प्रशंसा की।
सुनक ने लिखा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, आज नई दिल्ली में आपसे मिलकर बहुत अच्छा लगा। सार्वजनिक सेवा में 25 वर्ष पूरे करने पर आपको बहुत-बहुत बधाई, यह एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। जब मैं प्रधानमंत्री था, तब आपके साथ काम करना मेरे लिए सौभाग्य की बात थी। आपकी प्रतिबद्धता, आपकी कार्यशैली और आपकी ऊर्जा हम सभी के लिए एक मिसाल है।"
उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत और ब्रिटेन के संबंध लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि एक अनिश्चित वैश्विक दौर में व्यापार, तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में दोनों देशों का सहयोग बेहद महत्वपूर्ण है।
बदलती वैश्विक व्यवस्था में भारत की बढ़ती ताकत
मुलाकात से पहले, ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम 2026 में एक पैनल चर्चा के दौरान ऋषि सुनक ने वैश्विक राजनीति में आ रहे बड़े बदलावों पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि दुनिया अब उस पुराने बहुपक्षीय ढांचे से अलग हो रही है, जिससे काफी अनिश्चितता और जोखिम पैदा हो रहे हैं।
सुनक ने विशेष रूप से भारत और खाड़ी देशों की भूमिका का जिक्र करते हुए कहा कि ये देश अब वैश्विक व्यवस्था में अपनी स्वतंत्र राह चुनने में सक्षम हैं। उन्होंने कहा, "भारत और खाड़ी देशों जैसे देश अब अपना रास्ता खुद तय कर सकते हैं। वे हमेशा अमेरिका या चीन के साथ सहमत नहीं होंगे; वे वही करेंगे जो उनके अपने हितों के लिए सही होगा। यह दुनिया की एक नई विशेषता है।"
व्यापारिक संबंधों को मिलेगी नई गति
भारत और ब्रिटेन के बीच आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने के लिए दोनों देशों ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। दोनों देश अपने व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते (CETA) के तहत टैरिफ रियायतों के उपयोग पर वार्षिक डेटा साझा करने पर सहमत हुए हैं।
यह निर्णय नई दिल्ली में आयोजित भारत-यूके संयुक्त आर्थिक और व्यापार समिति (JETCO) की 16वीं बैठक में लिया गया। इस कदम का उद्देश्य व्यापार समझौते को अधिक सुचारू बनाना है ताकि छोटे और मध्यम स्तर के व्यवसायों को द्विपक्षीय व्यापार का अधिक से अधिक लाभ मिल सके।