किशनगंज की रौशनी परवीन का कमाल: केप टाउन में करेंगी भारत का प्रतिनिधित्व
किशनगंज की सामाजिक कार्यकर्ता रौशनी परवीन दक्षिण अफ्रीका के केप टाउन में होने वाले अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।

बिहार के किशनगंज जिले की एक बेटी ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का मान बढ़ाने की तैयारी कर ली है। सामाजिक कार्यकर्ता रौशनी परवीन किशनगंज से एक बार फिर बिहार का नाम रोशन करने के लिए तैयार हैं। वह आगामी 3 से 6 नवंबर तक दक्षिण अफ्रीका के केप टाउन में आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय 'वन यंग सम्मेलन' में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।
रौशनी की यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि वह इससे पहले वर्ष 2023 में जिनेवा में आयोजित अंतरराष्ट्रीय युवा सम्मेलन में भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। वैश्विक मंच पर देश की आवाज बनने का यह अवसर उनकी निरंतर मेहनत और सामाजिक कार्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
संघर्षों से भरी रही जीवन की राह
किशनगंज जिले की टेउसा पंचायत के सिमलबाड़ी गांव में जन्मी रौशनी का सफर काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। उनके पिता हैदर अली गांव में एक छोटी सी किराना दुकान चलाते हैं। एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाली रौशनी ने खुद बाल विवाह की पीड़ा झेली है।
इसी कड़वे अनुभव ने उन्हें समाज की कुरीतियों, विशेषकर बाल विवाह के खिलाफ आवाज उठाने और महिलाओं के अधिकारों के लिए काम करने की प्रेरणा दी। मुस्लिम समाज से होने के कारण उन्हें शुरुआती दौर में कई सामाजिक रूढ़ियों और आलोचनाओं का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और अपने मिशन पर अडिग रहीं।
महिलाओं के अधिकारों के लिए समर्पित जीवन
पिछले करीब 10 वर्षों से सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में सक्रिय रौशनी परवीन मुख्य रूप से बाल विवाह, महिला उत्पीड़न और महिलाओं के अधिकारों जैसे गंभीर मुद्दों पर काम कर रही हैं।
- सैकड़ों जिंदगियां बचाईं: अपने निरंतर प्रयासों से वह अब तक सैकड़ों बच्चियों को बाल विवाह की त्रासदी से बचाने में अहम भूमिका निभा चुकी हैं।
- आत्मनिर्भरता की ओर कदम: वह जरूरतमंद महिलाओं को सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी काम कर रही हैं।
- वर्तमान जिम्मेदारी: वर्तमान में वह महिला हेल्पलाइन में केंद्र प्रशासिका के पद पर कार्यरत हैं।
विश्व मंच पर गूंजेगी भारत की आवाज
केप टाउन में आयोजित होने वाले इस सम्मेलन में दुनिया के 190 से अधिक देशों के युवा हिस्सा लेंगे। रौशनी ने बताया कि इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर उन्हें बाल विवाह, महिला उत्पीड़न और महिलाओं से जुड़ी अन्य सामाजिक समस्याओं को वैश्विक स्तर पर उठाने का अवसर मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि भारत और बिहार का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए बहुत गर्व की बात है।
रौशनी की इस बड़ी उपलब्धि पर डॉ. आमिर मिन्हाज, मोहम्मद नोमान सहित कई स्थानीय लोगों ने उन्हें बधाई दी है। उनकी यह सफलता सीमांचल की उन तमाम बेटियों के लिए एक मिसाल है, जो विपरीत परिस्थितियों और सामाजिक बाधाओं के बावजूद अपने सपनों को पूरा करना चाहती हैं।