महानवमी पर रुईधासा महाकाल मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब

Prakriti Singh19 October 20262 min read0 viewsDharm
महानवमी पर रुईधासा महाकाल मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब

किशनगंज के रुईधासा स्थित महाकाल मंदिर में शारदीय नवरात्र की महानवमी के अवसर पर भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। मां दुर्गा के नौवें स्वरूप, मां सिद्धिदात्री की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई, जिससे पूरा मंदिर परिसर माता के जयकारों से गूंज उठा।

वैदिक मंत्रोच्चार से भक्तिमय हुआ वातावरण

महानवमी के इस पावन अवसर पर मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार, घंटियों की गूंज और माता के जयकारों ने वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। किशनगंज शहर के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में भक्त मां के दर्शन और पूजन के लिए पहुंचे।

हवन और कन्या पूजन का विशेष उत्साह

महानवमी के इस विशेष दिन पर मंदिर में हवन का आयोजन भी किया गया, जिसे लेकर श्रद्धालुओं में काफी उत्साह देखा गया। महाकाल मंदिर के पुरोहित गुरु साकेत के सानिध्य में सभी धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। श्रद्धालुओं ने मां सिद्धिदात्री के समक्ष माथा टेककर अपने परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली के लिए प्रार्थना की।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महानवमी पर कन्या पूजन का विशेष महत्व है। श्रद्धालु कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर उनकी पूजा करते हैं और उन्हें भोजन कराकर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

मां सिद्धिदात्री को अर्पित किया गया विशेष भोग

पुरोहित गुरु साकेत ने बताया कि मां सिद्धिदात्री की आराधना से भक्तों को सिद्धि, ज्ञान और मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। महानवमी पर माता को विशेष भोग लगाने की परंपरा है। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने मां को हलवा, पूरी और काले चने का विशेष भोग अर्पित किया।

रुईधासा स्थित इस मंदिर में मां दुर्गा की पूजा के साथ-साथ महाकाल बाबा की भी नियमित आराधना की जाती है। संध्या आरती के दौरान भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्र हुए और समाज में शांति एवं सद्भाव की कामना की।

Share:

Comments

Leave a comment