नशामुक्त बिहार: सबौर हाई स्कूल में छात्रों ने ली नशा न करने की शपथ

भागलपुर के सबौर हाई स्कूल में छात्रों और शिक्षकों ने बिहार को 2029 तक नशामुक्त बनाने की शपथ ली। जानें क्या है पूरा कार्यक्रम।

Ghazala Saheb27 October 20262 min read0 viewsBihar
नशामुक्त बिहार: सबौर हाई स्कूल में छात्रों ने ली नशा न करने की शपथ

भागलपुर: बिहार को पूरी तरह से नशा मुक्त बनाने के संकल्प को धरातल पर उतारने की कोशिशें तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में मंगलवार को भागलपुर के सबौर हाई स्कूल के प्रांगण में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मद्यनिषेध विभाग के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और नशे के खिलाफ एकजुट होने की सामूहिक शपथ ली।

2029 तक का लक्ष्य: नशामुक्त बिहार का संकल्प

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आह्वान के अनुसार, वर्ष 2029 तक पूरे बिहार को पूर्ण रूप से नशामुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। सबौर हाई स्कूल में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य इसी बड़े लक्ष्य की दिशा में समाज के हर वर्ग को जागरूक करना है। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने शपथ ली कि वे न केवल स्वयं नशे से दूर रहेंगे, बल्कि अपने परिवार, पड़ोस और समाज के लोगों को भी इस बुराई से बचाने के लिए प्रेरित करेंगे।

नशे से टूटते परिवार और सामाजिक समस्याएं

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने नशे के घातक परिणामों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि नशा केवल एक व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नुकसान नहीं पहुंचाता, बल्कि इसका सबसे बुरा असर पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है। नशे की लत के कारण कई गंभीर समस्याएं उत्पन्न होती हैं, जैसे:

  • आर्थिक संकट: नशे की वजह से परिवार की आर्थिक स्थिति बिगड़ जाती है।
  • पारिवारिक विवाद: नशे के कारण घरों में कलह और झगड़े बढ़ते हैं।
  • सामाजिक बुराइयां: नशे से समाज में कई तरह की सामाजिक समस्याएं पैदा होती हैं।

ऐसे में खुद नशे से दूर रहना और दूसरों को इसके प्रति जागरूक करना आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत बन गया है।

युवाओं की भागीदारी है सबसे जरूरी

इस अवसर पर भागलपुर के एडीएम राकेश कुमार ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के विजन को पूरा करने के लिए जमीनी स्तर पर जागरूकता फैलाना आवश्यक है। उन्होंने कहा,

"जब तक समाज का हर वर्ग, विशेषकर युवा और छात्र इस मुहिम से नहीं जुड़ेंगे, तब तक नशामुक्त बिहार का सपना पूरा नहीं हो सकता। सबौर हाई स्कूल के बच्चों और शिक्षकों का उत्साह सराहनीय है। हमें मिलकर इस सामाजिक बुराई को खत्म करना होगा।"

मद्यनिषेध विभाग द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान का मुख्य लक्ष्य जमीनी स्तर तक जागरूकता का संदेश पहुंचाना और नशे के खिलाफ सामाजिक भागीदारी को मजबूत करना है।

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