विषमता रूपी मटकी फोड़कर समाज में समरसता की अलख जगाएं: रविशंकर

Ghazala Saheb5 September 20262 min read38 viewsBihar
विषमता रूपी मटकी फोड़कर समाज में समरसता की अलख जगाएं: रविशंकर

सारण, 05 सितंबर: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक रविशंकर ने छपरा में एक सांस्कृतिक एवं जन्मोत्सव कार्यक्रम को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव और मटकी फोड़ का आयोजन मात्र एक पारंपरिक उत्सव नहीं है, बल्कि यह हम सभी के लिए एक गहरा संदेश, सीख और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का संकल्प लेने का महत्वपूर्ण अवसर है।

श्रीकृष्ण के जीवन और संदेश

कार्यक्रम के दौरान उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वयं कारागार में जन्म लेने और अंधकार में रहने के बावजूद उन्होंने संपूर्ण दुनिया को प्रकाशवान बनाया। शास्त्रों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि जब-जब धरती पर पाप और अधर्म का घड़ा भरता है, तब-तब धर्म की स्थापना के लिए ईश्वर का अवतरण होता है।

सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने का आह्वान

प्रांत प्रचारक ने वर्तमान सामाजिक परिदृश्य पर चर्चा करते हुए कहा कि आज समाज में कई प्रकार की ऐसी मटकियां बुराइयां हैं, जिन्हें हमें मिलकर फोड़ना होगा। समाज में फैले जातिवाद, ऊंच-नीच और अगड़े-पिछड़े के भेद को मिटाकर समरसता और एकात्मकता का मजबूत वातावरण तैयार करना, समाज के भीतर व्याप्त भय के माहौल को समाप्त कर निर्भय समाज का निर्माण करना तथा ईर्ष्या, द्वेष, लोभ और अहंकार जैसे दुर्गुणों का त्याग करना आवश्यक है।

शस्त्र और शास्त्र का समन्वय

उन्होंने आगे कहा कि भगवान श्री कृष्ण ने सुदर्शन चक्रधारी होने के बावजूद धर्म और नीति की स्थापना का मार्ग चुना। आज समाज की रक्षा के लिए हमें शस्त्र और शास्त्र के संयुक्त समन्वय की आवश्यकता है और हमें कभी भी अन्याय और अधर्म को स्वीकार नहीं करना चाहिए, बल्कि हमेशा न्याय और सत्य के पक्ष में अपनी आवाज बुलंद करनी चाहिए।

छपरा और बिहार का विकास

उन्होंने कहा कि यहाँ से मिलने वाले संदेश को हमें जन-जन तक पहुँचाना है और अपेक्षा जताई कि हमारे पुरुषार्थ और अथक परिश्रम से न केवल छपरा, बल्कि संपूर्ण बिहार को गौरव का उच्च स्थान प्राप्त हो सकेगा। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने आयोजन के लिए आयोजन समिति को साधुवाद और शुभकामनाएं दीं।

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