समस्तीपुर कांड और पटना फायरिंग पर मचा सियासी घमासान: मंत्री बोले- 'कानून सबके लिए बराबर', तेजस्वी ने सरकार को घेरा

बिहार में अपराध की बढ़ती घटनाओं ने राज्य के राजनीतिक तापमान को बढ़ा दिया है। समस्तीपुर में एक महिला के साथ कथित मारपीट और पटना में हुई गोलीबारी की घटना के बाद सरकार और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई है। जहाँ एक ओर सरकार प्रशासन की मुस्तैदी का दावा कर रही है, वहीं विपक्ष इसे कानून-व्यवस्था की विफलता बता रहा है।
प्रशासन की कार्रवाई पर बोले मंत्री अशोक चौधरी
समस्तीपुर की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए बिहार के मंत्री अशोक चौधरी ने राज्य प्रशासन का बचाव किया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि कानून का शासन सर्वोपरि है और इसमें किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
"चाहे कोई किसी भी राजनीतिक दल से जुड़ा हो, अगर कोई भी कानून को अपने हाथ में लेने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ बेहद सख्त कार्रवाई की जाएगी। पटना में हुई फायरिंग की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन दोषियों को तुरंत गिरफ्तार कर कानून का राज स्थापित किया जाएगा। हमें पुलिस प्रशासन पर पूरा भरोसा है।"
तेजस्वी यादव का सरकार पर हमला: 'बिहार में कानून-व्यवस्था ध्वस्त'
विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने समस्तीपुर के वायरल वीडियो और जमुई की घटना का हवाला देते हुए कहा कि बिहार में अपराध का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। तेजस्वी ने सरकार को घेरते हुए कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से खत्म हो चुकी है और इस स्थिति के कारण पूरे देश में बिहार की बदनामी हो रही है।
जमुई और समस्तीपुर मामलों में पुलिस की कार्रवाई
समस्तीपुर मामले में सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए चार संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, जमुई में दो नाबालिगों के साथ कथित दुर्व्यवहार के मामले में भी पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है।
जमुई मामले से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां इस प्रकार हैं:
- गिरफ्तारी: पुलिस ने इस मामले में कुंदन कुमार, फैयाज और रामशिश कुमार को गिरफ्तार किया है।
- सोशल मीडिया पर कार्रवाई: नाबालिगों की पहचान उजागर करने वाले वीडियो साझा करने के आरोप में लगभग 120 सोशल मीडिया प्रोफाइल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
- पुलिस की अपील: अधिकारियों ने जनता से आग्रह किया है कि वे पीड़ित नाबालिगों की पहचान उजागर करने वाले किसी भी आपत्तिजनक वीडियो या पोस्ट को सोशल मीडिया पर साझा न करें।