समस्तीपुर में सरेआम महिला से बदसलूकी: वीडियो वायरल होते ही पुलिस ने चार आरोपियों को किया गिरफ्तार

Ghazala Saheb24 September 20262 min read2 viewsBihar
समस्तीपुर में सरेआम महिला से बदसलूकी: वीडियो वायरल होते ही पुलिस ने चार आरोपियों को किया गिरफ्तार

बिहार के समस्तीपुर जिले से एक बेहद चौंकाने वाला और शर्मनाक मामला सामने आया है। यहाँ दिनदहाड़े एक युवती के साथ न केवल बदसलूकी की गई, बल्कि उसके साथ मारपीट और गाली-गलौज का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस घटना के सामने आते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आया और त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

जगत सिंह एम्बैंकमेंट इलाके में हुई वारदात

मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना करपुरी ग्राम थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जगत सिंह एम्बैंकमेंट इलाके की है। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ शरारती तत्व सरेआम एक युवती को शारीरिक और मौखिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। हालांकि पुलिस अभी वीडियो की सटीक तारीख और समय की पुष्टि कर रही है, लेकिन फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर ली गई है।

पुलिस ने इस मामले में अब तक निम्नलिखित आरोपियों को हिरासत में लिया है:

  • कुंदन कुमार
  • फैयाज
  • रमाशीष कुमार

पुलिस के अनुसार, कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है और मामले की गहन जांच की जा रही है।

जमुई की घटना के बाद बढ़ी पुलिस की सख्ती

समस्तीपुर की यह घटना ऐसे समय में हुई है जब बिहार का जमुई जिला भी इसी तरह के एक मामले से जूझ रहा है। जमुई में एक नाबालिग लड़की के साथ हुई बदसलूकी के बाद से ही राज्य में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आक्रोश है। जमुई मामले में पुलिस ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करने वाले लगभग 120 प्रोफाइल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है ताकि पीड़ितों की पहचान उजागर न हो सके।

राजनीतिक प्रतिक्रिया और चेतावनी

इस घटना पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं। जदयू (JD-U) नेता राजीव रंजन ने इस दुस्साहस की कड़ी निंदा की है। उन्होंने अपराधियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा:

"अगर अपराधी जमुई की घटना के बाद भी सबक नहीं लेते हैं, तो उन्हें जेल की सलाखों के पीछे ही जाना होगा। जो लोग इस तरह की हरकतें करते हैं और सोशल मीडिया का इस्तेमाल ऐसी गतिविधियों के लिए करते हैं, उन्हें बिल्कुल नहीं बख्शा जाएगा।"

फिलहाल, पुलिस की टीमें अन्य संदिग्धों की धरपकड़ के लिए छापेमारी कर रही हैं। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी ऐसी सामग्री को साझा न करें जिससे पीड़ितों की पहचान उजागर होने का खतरा हो।

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